By अभिनय आकाश | Oct 02, 2024
ईरान के हमले में मोसाद को टारगेट किया गया है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद जो कि दुनियाभर में इजरायल के दुश्मनों को टारगेट करने के लिए जानी जाती है। उसके हेडक्वार्टर पर ईरान ने अटैक किया है। मोसाद के हेडक्वार्टर को तबाह करने का दावा ईरान कर रहा है। इजरायल हालांकि इन खबरों से इनकार कर रहा है। तेल अवीव में ये मिसाइल अटैक हुआ है। हमास चीफ इस्माइल हानिया हो या हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह दोनों की मौत के पीछे की अहम वजह मोसाद को माना जाता है। मोसाद को इंफॉर्मेशन वॉर का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जाता है। उसके हेडक्वार्टर को टारगेट करने का दावा ईरान की तरफ से किया जा रहा है। अगर ऐसा सच है तो इजरायल के अस्तित्व के समय से यानी 1948 के बाद से शायद ये पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी दुश्मन देश ने मोसाद के हेडक्वार्टर पर हमला किया हो। मोसाद के हेडक्वार्टर की लोकेशन तो मालूम है। गूगल में सर्च करने पर भी ये नजर आ जाएगी। इसके अलावा मोसाद के हेडक्वार्टर में इतने सारे फिलिस्तीनी लोगों का इंटोरोगेशन हुआ है।
ईरान एक एक करके उन सभी जगहों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है और इसी कड़ी में इस हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया है। ईरानी मीडिया की ओर से ये दावा किया जा रहा है। हसन नसरल्लाह की हत्या में हवाई अड्डे का इस्तेमाल हुआ था। वहीं ईरान द्वारा इजरायल पर अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन कई अहम बैठकें कर चुके हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि इजरायल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इजरायल पर मिसाइल अटैक के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ दो बैठक की। इन बैठकों में मीडिल ईस्ट के मुद्दे पर चर्चा की है।