By अभिनय आकाश | Apr 08, 2026
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तैना के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान और स्टेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक अहम प्रस्ताव पर तीखी कूटनीतिक जंग देखने को मिली। बहरीन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य हुरमूस जलडमरू मध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान के कथित आक्रामक व्यवहार को रोकना था। इस प्रस्ताव को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का समर्थन प्राप्त था। लेकिन अंततः रूस और चीन ने अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इसे खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में कई हफ्तों तक चली चर्चा और कूटनीतिक प्रयासों के बाद इस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। सुरक्षा परिषद के कुल 15 सदस्य देशों में से 11 ने इसके पक्ष में वोट किया। जबकि पाकिस्तान और कोलंबिया ने मतदान में हिस्सा ही नहीं लिया। भारी समर्थन के बावजूद प्रस्ताव पारित नहीं हो सका क्योंकि रूस और चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए इसे रोक दिया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने डेडलाइन खत्म होने से कुछ मिनट पहले ही सीज फायर का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर के अनुरोध पर दो हफ्ते का युद्ध विराम किया जा रहा है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान स्टेट ऑफ होमोस को खोलने के लिए तैयार हो गया है और उनके 10 सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। ट्रंप ने लिखा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से हुई बातचीत के आधार पर जिसमें उन्होंने मुझसे ईरान पर रात होने वाले विनाशकारी हमले को रोकने का अनुरोध किया था। साथ ही स्टेट ऑफ होमोस को पूरा तत्काल और सुरक्षित तरीके से खोलने के मद्देनजर मैं दो हफ्ते के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि दो तरफा सीज फायर होगा। इसकी वजह यह है कि हमने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को ना केवल पूरा कर लिया है बल्कि उनसे कहीं आगे निकल चुके हैं। इसके अलावा ईरान के साथ शांति और मध्य पूर्व में शांति के लिए हम एक ठोस समझौते के बहुत करीब हैं।