UN Security Council के प्रस्ताव पर भड़का Iran, अन्यायपूर्ण बताकर दी स्थायी दाग लगने की चेतावनी

By अभिनय आकाश | Mar 12, 2026

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद द्वारा इस्लामी गणराज्य के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के फैसले पर औपचारिक रूप से खेद व्यक्त किया है। सुरक्षा परिषद के सत्र में बोलते हुए, अमीर-सईद इरावानी ने इस प्रस्ताव को अन्यायपूर्ण और गैरकानूनी" करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्ताव का पारित होना सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता को गंभीर झटका है और विश्व निकाय के इतिहास पर एक अमिट दाग है। प्रतिनिधि ने दावा किया कि यह कदम "सुरक्षा परिषद के जनादेश का घोर दुरुपयोग है, जिसका उद्देश्य "कुछ सदस्यों के राजनीतिक एजेंडे" को पूरा करना है। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रस्ताव जमीनी हकीकतों को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है और मौजूदा क्षेत्रीय संकट के मूल कारणों को संबोधित करने में विफल रहता है।

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ईरानी राजनयिक ने परिषद के यूरोपीय सदस्यों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रस्ताव के लिए उनका समर्थन यह साबित करता है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करने के उनके दावे खोखले वादे मात्र हैं। इरावानी ने कहा, "उनका पाखंडी और गैर-जिम्मेदाराना आचरण एक बार फिर यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उनकी घोषित प्रतिबद्धता पर राजनीतिक विचार हावी हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ये राष्ट्र स्वतंत्र रूप से कार्य करने के बजाय केवल "वाशिंगटन से मिले राजनीतिक निर्देशों का पालन" कर रहे हैं। राजनयिक दस्तावेजों के अनुसार, ईरानी दूत ने कुछ विशिष्ट सदस्यों पर अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाइयों को अनदेखा करते हुए "ईरान को दोषी ठहराने का एक निंदनीय और स्पष्ट प्रयास" करने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से "मीनाब शहर में 170 स्कूली छात्राओं के नरसंहार" का उल्लेख अनदेखी की गई क्रूरताओं के उदाहरण के रूप में किया। 

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