By अभिनय आकाश | Jan 03, 2026
ईरान इस वक्त अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। देश गंभीर आर्थिक संकट में फंसा है और जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। लगातार छठे दिन भी ईरान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है। शुरुआत महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ हुई थी। लेकिन अब यह आंदोलन सीधी सरकार और इस्लामिक शासन के खिलाफ खड़े होते नजर आने लगा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि तेहरान से लेकर इसहान, सिराज, यजद और किरमान शाह तक तनाव फैल चुका है। जबकि कुछ इलाकों में हिंसक झड़पों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक्स पर लिखा, अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है तो हम बचाने को तैयार हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा होगा। डोनाल्ड ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे वक्त में आई है जब ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामिनई के तख्ता पलट की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
असल वजह पैसा और महंगाई है। ईरान में महंगाई 42% से ज्यादा हो चुकी है। खाने-पीने की चीजें पिछले साल के मुकाबले करीब 72% महंगी हो गई हैं। इलाज और दवाइयों का खर्च करीब 50% तक बढ़ गया है। इसके अलावा ईरानी मुद्रा बुरी तरह टूट चुकी है। 1 डॉलर करीब 14 लाख रियाल का हो गया है। एक साल पहले यही 8 लाख 20 हजार रियाल का था। इसका मतलब ये कि लोगों की आमदनी वही है, लेकिन खर्च कई गुना बढ़ गया है। दुकानदारों ने घाटे के डर से सामान बेचना बंद कर दिया है।
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के नेतृत्व वाली ईरान की नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की इच्छा दिखाई है। उन्होंने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक कार्यक्रम में कहा, “इस्लामी दृष्टिकोण से... अगर हम लोगों की आजीविका का मुद्दा हल नहीं करते हैं, तो हम नरक में जाएंगे।” हालांकि, पेज़ेश्कियन ने स्वीकार किया है कि उनके विकल्प सीमित हैं क्योंकि रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है, और एक डॉलर का मूल्य अब लगभग 14 लाख रियाल के बराबर है।