By अभिनय आकाश | Mar 20, 2026
ईरान ने क़ोम में एक 19 वर्षीय चैंपियन पहलवान और दो अन्य प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कदम असहमति पर सरकार की कार्रवाई में तीव्र वृद्धि का संकेत है। उभरते हुए पहलवान सालेह मोहम्मदी को गुरुवार को सईद दावोदी और मेहदी गसेमी के साथ फांसी दे दी गई। इन तीनों पर 8 जनवरी, 2026 को हुए प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप था। सरकारी मीडिया ने बताया कि ये फांसी की सजाएं क़ोम में लोगों के एक समूह की उपस्थिति में दी गईं। ये तीनों दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए और जनवरी 2026 तक जारी रहे राष्ट्रव्यापी अशांति के सिलसिले में फांसी पर लटकाए जाने वाले पहले ज्ञात प्रदर्शनकारी हैं। ईरान मानवाधिकार संगठन (IHRNGO) ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि आगे और भी फांसियां हो सकती हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि तीनों व्यक्तियों को "पर्याप्त बचाव" से वंचित रखा गया और जबरन कबूलनामा करवाया गया। उसने आगे कहा कि मामले को "तेजी से निपटाया गया, जिसका किसी सार्थक मुकदमे से कोई लेना-देना नहीं था। ईरानी लड़ाकू एथलीट और मानवाधिकार कार्यकर्ता नीमा फार ने इस फांसी को स्पष्ट राजनीतिक हत्या बताया। फार ने फॉक्स न्यूज को बताया, "उनकी फांसी एक स्पष्ट राजनीतिक हत्या थी, जो असहमति को कुचलने और समाज को आतंकित करने के लिए एथलीटों को निशाना बनाने के इस्लामी गणराज्य के तौर-तरीकों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह मामला 2020 में ईरानी पहलवान नाविद अफकारी की फांसी की याद दिलाता है, जिसने वैश्विक आक्रोश पैदा किया था।