Prabhasakshi Exclusive: Iran ने खूनी बदला लेने का ऐलान तो कर दिया मगर क्या उसमें Israel से सीधे भिड़ने की हिम्मत है?

By नीरज कुमार दुबे | Aug 01, 2024

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने इजराइल से हमास नेता इस्माइल हानियेह की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है। क्या आपको लगता है कि ईरान अब इस लड़ाई में सीधा कूद सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने तेहरान में हमास के राजनीतिक नेता इस्माइल हानियेह की हत्या के प्रतिशोध में इज़राइल को "कड़ी सजा" देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि खामेनेई ने कहा है कि आपराधिक और आतंकवादी शासन ने हमारे घर में हमारे प्रिय अतिथि को शहीद कर दिया और हमें शोक संतप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि खामेनेई ने कहा है कि हानियेह की हत्या का बदला लेना ईरान का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यही नहीं, जो ईरान नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर उत्सव के मूड़ में था उसे हानियेह के लिए देश में तीन दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा करनी पड़ी है।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Exclusive: Italian PM Giorgia Meloni आखिर China के करीब क्यों जा रही हैं, क्या PM Modi से है कोई नाराजगी?

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि ईरान ने जिस तरह का गुस्सा दिखाया है उससे प्रदर्शित हो रहा है कि वह चुप तो नहीं बैठेगा लेकिन यह भी सही है कि उसके पास सीधी लड़ाई का विकल्प नहीं है। दरअसल ईरान का इजराइल के साथ बॉर्डर तो है नहीं। उसे इजराइल से लड़ाई लड़ने के लिए मिस्र या जॉर्डन से होकर जाना पड़ेगा जिसकी इजाजत उसे ये देश आसानी से देंगे नहीं। अगर उन्होंने ऐसा किया तो वह भी इस लड़ाई में शामिल माने जाएंगे जोकि उनके लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने अगर इजराइल पर कोई हवाई हमला किया तो उसे उसका पलटवार भी झेलने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा संभावना यही है कि ईरान प्रॉक्सी वार लड़े। वह पहले की तरह हमास और हिज्बुल्लाह को मदद देता रहेगा ताकि इजराइल पर हमले करवाये जा सकें। इसके अलावा यह भी हो सकता है कि वह अल कायदा या आईएसआईएस को दोबारा पैरों पर खड़ा करके उन्हें इजराइल और अमेरिका पर हमले के लिए तैयार करे। उन्होंने कहा कि यह भी हो सकता है कि ईरान विदेशों में स्थित इजराइली दूतावासों या इजराइली नागरिकों पर हमले करवाये लेकिन अगर उसने ऐसा किया तो उसे इजराइल के पलटवार के साथ ही संबंधित देश की सरकार की नाराजगी भी झेलनी होगी। उन्होंने कहा कि तुरंत की स्थिति में देखें तो ईरान किसी बड़े हमले के लिए तैयार नहीं है लेकिन यह भी सही बात है कि उसने जो बदला लेने की कसम खाई है, वह उसे पूरा जरूर करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान में घुसकर जो हमला किया गया है उससे वहां की सरकार को घरेलू स्तर पर कई सवालों से जूझना पड़ रहा है।

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इसके अलावा हमें यह भी याद रखना चाहिए कि कुछ समय पहले जिस तरह ईरान ने पाकिस्तान पर मिसाइल हमला किया था तो उसे तगड़ा पलटवार मिला था। उसके बाद दोनों देशों ने बातचीत के माध्यम से रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि ईरान किसी बड़े युद्ध के लिए तैयार नहीं है।

प्रमुख खबरें

PM Fasal Bima Yojana: Puducherry के 25000 Farmers की बल्ले-बल्ले, खाते में आए 29 करोड़ रुपये

Piyush Goyal का DMK पर बड़ा हमला, बोले- Tamil Nadu के लिए हानिकारक है Stalin सरकार

Govt Achievements: OPS-NPS विवाद पर Assam का बड़ा दांव, CM Himanta ने लॉन्च की नई Unified Pension Scheme

Assam Election 2026 पर Opinion Poll: NDA को पिछली बार से भी बड़ा बहुमत, BJP की सत्ता में वापसी तय!