ईरान तो बहाना, असल निशाना China? US के Hormuz Blockade से महायुद्ध का खतरा बढ़ा

By अभिनय आकाश | Apr 13, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बेहद सख्त कदम उठाते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी करने का आदेश दिया है। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशानुसार हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी शुरू कर रही है। यह आदेश सोमवार सुबह 10 बजे यानी भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से लागू हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी केवल उन जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर और सऊदी अरब जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों के व्यापारिक जहाजों को इस नाकेबंदी से कोई खतरा नहीं होगा। वे हमेशा की तरह इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। सेना ने चेतावनी दी है कि यह घेराबंदी सभी देशों के जहाजों पर निष्पक्ष रूप से लागू होगी—यदि वे ईरानी तटों की ओर जा रहे हैं, तो उन्हें रोका जाएगा।

इसे भी पढ़ें: पुतिन-ट्रंप के कॉमन फ्रेंड को 16 साल बाद गंवानी पड़ी सत्ता, सात समंदर पार चुनाव में कैसे हो गया बड़ा उलटफेर

अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत, कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नाकाबंदी को व्यापक रूप से युद्ध का कार्य माना जाता है। यह सिद्धांत पारंपरिक समुद्री कानून से जुड़ा है और विभिन्न कानूनी व्याख्याओं में संहिताबद्ध किया गया है जब कोई राज्य किसी अन्य राज्य के बंदरगाहों में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए बल का प्रयोग करता है, तो इसे युद्ध जैसी गतिविधि में शामिल माना जाता है। क्यूबा संकट के दौरान, वाशिंगटन ने सोवियत संघ पर युद्ध की घोषणा के कानूनी निहितार्थ से बचने के लिए जानबूझकर अपनी नाकाबंदी को क्वारंटाइन कहा था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने चीन को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए ऐसी औपचारिकताओं को दरकिनार कर दिया है।

इसे भी पढ़ें: Trump Viral Post: पहले की ईसा मसीह से तुलना, अब खुद को गॉड मानने भी लगे ट्रंप?

इस स्थिति को और भी गंभीर बनाने वाली बात यह है कि चीन ईरान के तेल पर अत्यधिक निर्भर है, क्योंकि ईरान के तेल निर्यात का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा चीन का है, जो प्रतिबंधों से बचने के जटिल नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1.5 से 1.6 मिलियन बैरल तेल आयात करता है। यह चीन के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 15-16 प्रतिशत है, जिससे ईरान बीजिंग के सबसे महत्वपूर्ण बाहरी आपूर्तिकर्ताओं में से एक बन गया है। 

प्रमुख खबरें

IPL 2026: मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले के दौरान विराट कोहली हुए चोटिल, आगे के मुकाबला खेल पाएंगे?

Hormuz बंद, भारत को मिला गैस का खजाना, टेंशन में अरब देश!

Parenting Mistakes । सबके सामने बच्चों को डांटना सही नहीं, पेरेंट्स आज ही बदलें अपनी ये आदत

गहरे दुख में, Amitabh Bachchan ने Asha Bhosle को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, बताया शाश्वत संगीत का विश्वकोश