'दबाव की भाषा हमें मंज़ूर नहीं', ईरान ने ट्रंप के सीज़फ़ायर के दावे को किया ख़ारिज

By रेनू तिवारी | May 30, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर ईरान के साथ जल्द ही समझौता होने का दावा करने के बाद मध्य-पूर्व में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। ईरान ने शनिवार को अमेरिकी दावों को सिरे से ख़ारिज करते हुए स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच फिलहाल कोई 'अंतिम सहमति' नहीं बनी है। तेहरान ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या प्रभाव में आकर कोई निर्णय नहीं लेगा। ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, देश के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सरकारी टेलीविज़न से कहा, "तेहरान ने 47 साल पहले ही 'ज़रूर' वाली भाषा को अलविदा कह दिया था। पश्चिमी देशों में से कोई भी, जब ईरान के इस्लामिक गणराज्य के बारे में बात करता है, तो 'ज़रूर' वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। हम अपने फ़ैसले ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों के आधार पर लेते हैं।"

उनकी यह टिप्पणी US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पर किए गए उस दावे के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जा रही है और ईरान के साथ समझौते पर फ़ैसला जल्द ही लिया जाएगा।

ट्रंप ने कहा, "जलडमरूमध्य में हमारी ज़बरदस्त और अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से फँसे जहाज़, जो अब हटा ली जाएगी, अब 'घर वापसी' की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं! मेरी तरफ़ से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवारों को 'नमस्ते' कहना - मैं हूँ आपका पसंदीदा राष्ट्रपति!"

बगाई ने US के समुद्री उपायों को 'शुरू से ही ग़ैर-क़ानूनी' बताया

बगाई ने US के समुद्री उपायों को "शुरू से ही ग़ैर-क़ानूनी" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन उपायों ने 8 अप्रैल को लागू हुए सीज़फ़ायर और नौवहन की स्वतंत्रता को नियंत्रित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। यह रिपोर्ट 'प्रेस टीवी' ने दी है।

उन्होंने कहा, "हमें व्यवहार में यह देखना होगा कि क्या वे सचमुच अपने शब्दों पर कायम रहते हैं या फिर यह महज़ एक प्रोपेगैंडा वाला दावा है।" उन्होंने आगे कहा कि इन उपायों को वापस लेना, असल में एक ऐसे काम को ख़त्म करने जैसा होगा जो "शुरू में कभी किया ही नहीं जाना चाहिए था।"

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फ़रवरी को शुरू हुए संघर्ष और उसके बाद ईरानी जहाज़ों और बंदरगाहों को निशाना बनाने वाले US के उपायों के बाद, ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपनी चौकसी बढ़ा दी थी।

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बगाई का कहना है कि कुछ उपायों को वॉशिंगटन ने एकतरफ़ा तौर पर बढ़ा दिया था

बगाई ने कहा कि तेहरान US के इन कामों को सीज़फ़ायर की शर्तों के विपरीत मानता है, और उन्होंने दावा किया कि कुछ उपायों को वॉशिंगटन ने एकतरफ़ा तौर पर बढ़ा दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के ज़रिए अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, जिसमें दुश्मनी खत्म करने, समुद्री मुद्दों को सुलझाने और विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों से जुड़े मामलों को हल करने पर चर्चा हो रही है। इस समझौते के सबसे अहम मुद्दे पर बात करते हुए बगाई ने कहा, "परमाणु मुद्दे को लेकर हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है।"

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