Iran-Israel तनाव से Crude Oil की कीमतों में 'आग', Brent दो साल के High पर पहुंचा।

By Ankit Jaiswal | Mar 06, 2026

वैश्विक ऊर्जा बाजार में इन दिनों काफी हलचल देखने को मिल रही है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन तक कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। मौजूद जानकारी के अनुसार यह बढ़त पिछले दो साल में साप्ताहिक आधार पर सबसे बड़ी बढ़तों में से एक मानी जा रही है।

हालांकि सप्ताह के दौरान शुरुआत में कीमतों में थोड़ी गिरावट भी देखी गई थी। एक समय ऐसा भी आया जब तेल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई। बताया जा रहा है कि यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिका की ओर से ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ संभावित कदमों के संकेत मिले।

मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिकी प्रशासन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करने, ईंधन मिश्रण नियमों में ढील देने और जरूरत पड़ने पर ट्रेजरी विभाग की भूमिका बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है। इन संकेतों से बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिला।

इसके बावजूद पूरे सप्ताह के दौरान तेल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। खास तौर पर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है, जिससे बाजार में चिंता बढ़ी है।

इसी बीच क्षेत्रीय तनाव भी लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें बहरीन के एक तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। वहीं इज़राइल की ओर से तेहरान में हवाई हमले जारी रहने की जानकारी मिल रही है। इसी तनाव के बीच अमेरिका ने कुवैत में अपने दूतावास की गतिविधियों को भी अस्थायी रूप से सीमित किया है।

तेल बाजार की तकनीकी स्थिति पर नजर डालें तो डब्ल्यूटीआई क्रूड फिलहाल लगभग 81 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक 78.19 डॉलर का स्तर अब महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। अगर कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं तो आगे 82 डॉलर से लेकर 84 डॉलर तक का स्तर देखने को मिल सकता है।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कच्चा तेल भी मजबूत रुख के साथ लगभग 85 डॉलर के आसपास बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ब्रेंट क्रूड ने 84.49 डॉलर के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर को पार कर लिया है और बाजार में ऊपर की दिशा का रुझान फिलहाल बरकरार दिखाई दे रहा है।

दूसरी ओर प्राकृतिक गैस के बाजार में थोड़ी कमजोरी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। प्राकृतिक गैस फ्यूचर्स करीब 2.97 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहे हैं और 2.91 डॉलर का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर गैस की कीमतें 2.91 डॉलर के नीचे जाती हैं तो आगे 2.84 और 2.77 डॉलर जैसे स्तरों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं यदि बाजार इस सपोर्ट के ऊपर टिकता है तो 3 डॉलर से ऊपर की ओर फिर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

कुल मिलाकर मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को काफी हद तक प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति और आपूर्ति से जुड़े संकेत ही तय करेंगे कि तेल और गैस की कीमतों का रुख किस दिशा में आगे बढ़ता है।

प्रमुख खबरें

West Asia टेंशन से Stock Market में कोहराम, Sensex 1100 अंक लुढ़का, निवेशकों में हड़कंप

Middle East Crisis का Global Economy पर असर, Qatar की चेतावनी- कभी भी रुक सकती है Energy Supply

Flipkart की IPO से पहले बड़ी तैयारी, Cost Cutting के नाम पर 500 कर्मचारियों की हुई छंटनी

Lionel Messi ने रचा नया कीर्तिमान, White House में सम्मानित होने वाली पहली MLS Team बनी