अमेरिका के बेस को नर्क बना देंगे, ईरान ने दी 'विनाश' वाली चेतावनी

By अभिनय आकाश | Jun 29, 2026

मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ा हो गया है। होर्मुज जलडम मध्य में पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी कीकू और सिंगापुर में एक मालवाहक जहाज पर हुए संदिग्ध ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। महज कुछ दिन पहले 18 जून को दोनों देशों के बीच हुआ संघर्ष विराम अब पूरी तरह टूट चुका है। दोनों महाशक्तियां आमने-सामने हैं और एक दूसरे के खिलाफ विनाशकारी सैन्य कार्यवाही को अंजाम दे रही हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल खाड़ी देशों में दहशत फैला दी है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रणाली को भी हिला कर रख दिया है। तनाव की ताजा कड़ी तब शुरू हुई जब हुर्मूडम मध्य से गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरान समर्थित ताकतों ने पनामा के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया। अमेरिका ने इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और हाल ही में हुए सीज फायर समझौते का खुला उल्लंघन करार दिया। 

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अमेरिकी सेना का कहना है कि कारवाई अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को सुरक्षित रखने और ईरान की आक्रामक क्षमताओं को पंगू बनाने के लिए जरूरी था। इस सैनिक कारवाही के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे भयानक चेतावनी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों को तुरंत नहीं रोका तो अमेरिका ऐसी सैन्य कारवाई करेगा जो ईरान के अस्तित्व को ही समाप्त कर देगी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में ईरान को पूरी तरह तबाह करने और उसे दुनिया के नक्शे से मिटा देने की धमकी दी है। राष्ट्रपति ने साफ किया है कि अमेरिका अपने और अपने सहयोगियों के जहाजों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। अमेरिकी हमलों और ट्रंप की विनाशकारी धमकी के बाद ईरान ने भी पीछे हटने से साफ इंकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया। ईरान ने पनामा के तीन टैंकर पर की गई कारवाही का बचाव करते हुए दावा किया कि उनका टैंकर बिना अनुमति के अनधिकृत मार्ग से होकर गुजर रहा था और उसने खाड़ी के समुद्री नियमों को तोड़ा था।

ईरान के सर्वोच्च नेता मुस्तफा खामई के सैन्य सलाहकार मोहन रजाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन ने सीज फायर की शर्तों को तोड़ा है। इसलिए ईरान की तरफ से त्वरित और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा। अपनी इसी चेतावनी को सच करते हुए ईरान के Iआरजीसी ने कुवैत और बहरीन में स्थित कम से कम आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। ईरान ने दावा किया है कि इस जवाबी हमले में अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास सराची ने दो टूक शब्दों में कहा कि हुरमुस जलडमरू मध्य का पूरा प्रबंधन और सुरक्षा नियंत्रण केवल ईरान के हाथों में रहेगा और किसी भी बाहरी देश की दादागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईरान ने यह भी धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले नहीं रोके तो वह भविष्य की सभी शांति वार्ताओं को हमेशा के लिए निलंबित कर देगा। इस भीषण सैन्य टकराव के बाद बहरीन, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। 

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