By अभिनय आकाश | Mar 02, 2026
ईरान के साथ युद्ध पर ट्रंप का बयान आया है। पूरी ताकत के साथ ईरान पर हमले जारी हैं। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है। मकसद पूरा होने तक यह हमले जारी रहेंगे। यह भी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है। साथ ही तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की बात को उन्होंने माना है। हालांकि ईरान का दावा 500 से ज्यादा के आंकड़े का है। ऐसे में अभी वो कह रहे हैं कि तीन अमेरिकी सैनिक ही मारे गए हैं। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि पूरी ताकत के साथ हमले जारी हैं और मकसद जब तक पूरा नहीं होता तक ये हमले लगातार जारी रहेंगे। अमेरिका ने पहले जो हमला किया गया था उसमें परमाणु ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अमेरिका का एक और सिर्फ एक मकसद ये है कि फिलहाल शॉर्ट टर्म में ईरान बातचीत के लिए तैयार हो जाए और कमजोरी से बातचीत करे। अमेरिका जो ये अभी काइनेटिक और नॉन काइनेटिक साइकोलॉजिकल वॉरफेयर कर रहा है असल में इसका मकसद ये है कि ईरान की जो लीडरशिप है वो थोड़ा नरम पड़ जाए और जब बातचीत हो तो अमेरिका की जो टर्म्स एंड कंडीशन है उनको आसानी से मान ले।
कि जब भी आईएए की टीम जाती है ईरान में दशकों से जाती रही है। पिछले 10 साल से हर साल दो-तीन बार जाती है।
ईरान को शक रहा है जो कि वास्तविक सत्य है कि आईएए की टीम में असल में सीआईए और मोसाद के एजेंट होते हैं। जब वो ईरान के अंदर जाते थे तो जाहिर बात है ईरान उनको अपने न्यूक्लियर साइट्स दिखाएगा। अपने न्यूक्लियर लेबोरेटरीज में लेके जाएगा। ये आईएए की टीम ईरान के न्यूक्लियर साइंटिस्ट से मिलेगी तो इनको पता लग जाता था कि इनका ऑफिस कहां पर है? लैबोरेटरी कहां है? वर्कशॉप कहां है? ईरानियन साइंटिस्ट का न्यूक्लियर साइंटिस्ट का। घर से कितने बजे वो ऑफिस आता है? शाम को कितने बजे अपने लैबोरेटरी से वापस घर जाता है? ये खबर आईएए की टीम में जब ये वापस जाते थे तो डीब्रीफ होकर ये इंफॉर्मेशन सीआईए और एमआई सिक्स और मोसाद के जरिए फाइनली इजराइल के टॉप मिलिट्री लीडर्स के पास पहुंच जाती थी और एक जरिया बन जाती थी।