By अभिनय आकाश | Aug 28, 2026
ब्रिटेन के एक छोटे बिजली संयंत्र पर पिछले महीनों हुआ साइबर हमला अब गंभीर सुरक्षा चिंता बन गया है। बता दें कि इस हमले के पीछे ईरान से जुड़े हैकरों के साथ था। साइबर हमले के कारण एक छोटा ब्रिटिश पावर प्लांट करीब चार दिन तक बंद रहा और इस दौरान अमेरिकी और ब्रिटिश खुफिया एजेंसियां जैसे सीआईए और एमआई6 कुछ ना कुछ कुछ ना कर सकी। अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है तो यह ब्रिटेन के अहम ऊर्जा ढांचे पर ईरान से जुड़े हैकरों का पहला सफल हमला माना जा सकता है। हालांकि ब्रिटिश सरकार ने साफ किया है कि इस घटना से देश की व्यापक बिजली व्यवस्था को कोई खतरा नहीं हुआ। लेकिन इसी के साथ ऊर्जा कंपनियों को साइबर हमलों के खतरे को लेकर सतर्क भी किया गया है।
इससे ईरान से जुड़े साइबर समूहों की पश्चिमी देशों के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की क्षमता को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू ब्रिटेन और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग से जुड़ा है। ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों से ईरान के खिलाफ रक्षात्मक अभियान चलाने की अनुमति दी थी। हालांकि ब्रिटेन ने अमेरिकी हमले में मदद करने से इंकार किया। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोशनरी गार्ड कॉप्स ने पिछले महीने चेतावनी दी थी कि ईरान क्षेत्र के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी अड्डा उसके लिए वैध निशाना होगा। ऐसे में ब्रिटेन के पावर प्लांट पर हुआ यह साइबर हमला सवाल खड़ा करता है कि क्या ईरान से जुड़े हैकर अमेरिका के दोस्तों के लिए डिजिटल मोर्चे पर दबाव बना रहे है।