By अभिनय आकाश | Jun 25, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर ईरान ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है। ईरान ने एक खास मौका देखते हुए पीएम मोदी को एक खास न्योता भेज दिया है। दरअसल ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान ने पीएम मोदी को अमेरिकी हमले में मारे गए सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामिनई के जनाजे में शामिल होने के लिए बुलाया है। आपको बता दें कि पिछले तीन-चार महीनों से ईरान अमेरिका और खासतौर पर इजराइल के डर से खामेनेई का जनाजा नहीं निकाल पा रहा है। ईरान के करोड़ों लोग चाहते हैं कि खामिनई को जल्द से जल्द पूरे सम्मान के साथ दफनाया जाए। मगर ईरान को जानकारी मिली है कि इजराइल भी इसी जनाज़े के इंतजार में बैठा है ताकि ईरान की बचीखुची लीडरशिप इस जनाज़े में आए और इजराइल उनको भी निपटा दे। जानकारी के लिए बता दें कि खामेनेई की अंतिम यात्रा का कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक चलेगा। 9 जुलाई के दिन खामेनेई को ईरान के मशहद शहर में दफनाया जाएगा। खामेनेई का जन्म मशहद शहर में ही हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर ईरान ने बहुत बड़ा बयान दिया है।
खबरों के मुताबिक इजराइल भी चाहता है कि खामेनेई का जनाजा जल्द से जल्द निकले ताकि ईरान की बचीखुची लीडरशिप इस जनाज़े में आए और इजराइल को उन्हें भी निपटाने का मौका मिल जाए। दरअसल अमेरिका के साथ बातचीत के चलते ईरान को पिछले 4 महीनों में पहली बार 50% उम्मीद जगी है कि खामेनेई के जनाजे में अमेरिका तो फिलहाल कुछ नहीं करेगा। लेकिन 50% टेंशन अभी भी इजराइल की है क्योंकि इजराइल इस जनाजे में बड़ा एक्शन ले सकता है। ईरान की मुश्किल यह है कि इजराइल तो आजकल अमेरिका की भी बातें नहीं सुन रहा है। ऐसे में ईरान को लगता है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस जनाजे में शामिल होते हैं तो इजराइल यहां पर हमला करने की सोचेगा भी नहीं। इजराइल कभी भी उस जगह पर हमला नहीं करेगा जहां पर पीएम मोदी मौजूद हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान जानते हैं कि सबसे सुरक्षित पीएम मोदी को बुलाना है क्योंकि इजराइल भी शांत बैठा रहेगा। पिछले साल मसूद पेजिश्कियान जब राष्ट्रपति बने थे तब उन्होंने दुनिया के कई बड़े-बड़े नेताओं को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था। भारत की तरफ से नितिन गडकरी पहुंचे थे। लेकिन इतने बड़े इवेंट में भी इजराइल ने ईरान में घुसकर हमास चीफ इस्माइल हानिए को मार दिया था। इस्माइल हानिए भी मसूद पेजिशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचा था। सोचिए नितिन गडकरी वहां मौजूद थे। इसके बावजूद इजराइल ईरान में घुसा और हमास चीफ को उड़ा दिया। खुद नितिन गडकरी ने भारत वापस लौट कर बताया था कि इजराइल ने किस तरह से ईरान में खेल किया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खामेनेई के जनाजे में पीएम मोदी के जाने की संभावना बहुत कम है।
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