By अभिनय आकाश | Jul 22, 2026
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर हफ़्तों तक हमले किए जाने के बावजूद, ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन मौजूद हैं। हाल के हमलों से पता चलता है कि तेहरान ने अपने हथियार प्रोग्राम के कुछ हिस्सों को फिर से तैयार कर लिया है और वह अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए खतरा पैदा करने में सक्षम है।
यह मिसाइल सिस्टम उन ज़मीन के नीचे बने ठिकानों में रखा गया था, जिन्हें इस साल की शुरुआत में अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों में निशाना बनाया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च और अप्रैल में ज़मीन के नीचे बने इन मिसाइल ठिकानों पर लगातार बमबारी के बावजूद, ईरान ने कुछ सुरंगों के रास्ते फिर से खोल दिए हैं, वहाँ तक जाने वाली सड़कें ठीक कर ली हैं और कुछ जगहों से मिसाइल ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये घटनाक्रम अमेरिका के सामने बनी चुनौती को दिखाते हैं; अमेरिका ईरान के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई कर रहा है, जबकि तेहरान जवाबी हमले करता रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए। WSJ की रिपोर्ट में बताया गया है कि जॉर्डन में हुआ हमला पांच दिनों के अंदर अमेरिकी सेना पर चौथा हमला था। इससे पता चलता है कि ईरान का मिसाइल भंडार खत्म नहीं हुआ है और हो सकता है कि उसने अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की अपनी क्षमता में सुधार किया हो। 'फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज़' में ईरान प्रोग्राम के सीनियर डायरेक्टर बेहनम बेन तालेब्लू ने WSJ को बताया, "अरब दुनिया के खिलाफ ईरान की धीरे-धीरे अपनाई जा रही 'स्कॉर्च्ड-अर्थ' (सब कुछ तबाह करने वाली) नीति का मकसद अमेरिका को इस इलाके से पीछे हटने पर मजबूर करना है, न कि उसे और मजबूती से डटे रहने के लिए उकसाना।"
रिपोर्ट में अमेरिका के पहले के अनुमानों और युद्ध के मैदान की मौजूदा स्थिति के बीच अंतर को भी उजागर किया गया।
अप्रैल में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम पूरी तरह से बेकार हो चुका है और उसके लॉन्चर व मिसाइलें खत्म और बर्बाद हो चुकी हैं तथा लगभग पूरी तरह से बेअसर हैं। हालांकि, आज सीनेट एप्रोप्रिएशन्स कमेटी की सुनवाई के दौरान हेगसेथ ने माना कि अमेरिका को कभी यह उम्मीद नहीं थी कि ईरान अपनी सारी हमला करने की क्षमता खो देगा। हेगसेथ ने कहा हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि वे हमला करने की क्षमता पूरी तरह खो देंगे। सवाल यह है कि अमेरिका जैसे दुश्मन के खिलाफ वे किस स्तर पर हमला कर सकते हैं।