By एकता | Sep 20, 2026
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं। ईरान ने ये शर्तें कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई हैं। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा है कि तेहरान अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।
मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को बातचीत शुरू करने की अपनी शर्तों के बारे में साफ संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “अगर वॉशिंगटन अपने बनाए संकट से निकलना चाहता है और इसमें और नहीं फंसना चाहता, तो उसके पास ईरान के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।”
रेजाई ने कतर के ‘अल जजीरा’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि ईरान की शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को जारी करना और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना शामिल है। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से सभी सात शर्तों की पूरी सूची नहीं बताई है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान चाहता है कि यमन और सऊदी अरब के बीच चल रही लड़ाई भी खत्म हो। रेजाई ने कहा, “हम मध्यस्थ कतर के संपर्क में हैं, जिसने युद्ध खत्म करने के मकसद से हमारी शर्तें वॉशिंगटन तक पहुंचाई हैं। हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”
रेजाई ने कहा कि इन शर्तों को स्वीकार करना अमेरिका के हित में है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “ट्रंप की धमकियों से कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम निर्णायक युद्ध के लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सैन्य आकलन के अनुसार अमेरिका की ओर से ईरान पर एक और हमला होने की संभावना काफी ज्यादा है।
रेजाई ने कहा कि तेहरान एक नई रणनीति पर काम कर रहा है, जिसका मकसद युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना है। उनके मुताबिक, ईरान एक तरफ मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयार है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई भी तेज हुई है। सऊदी अरब ने शनिवार को कहा था कि हूतियों ने रियाद को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की थी।