आखिर क्यों भारत में ईरान खोलना चाहता हैं बैंक शाखा?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 29, 2019

नयी दिल्ली। ईरान अपने बैंक पसारगाड की एक शाखा 2-3 महीने में भारत में खोलेगा। ईरान पर अमेरिकी की आर्थिक पाबंदी के कारण उसके लिए अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग चैनल बंद होने के मद्देनजर यह निर्णय महत्वपूर्ण है। ईरान ने भारत के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के मकसद से यह निर्णय किया है। भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि पसारगाड को वाणिज्यिक बैंक से जुड़े कार्यों के लिये भारतीय रिजर्व बैंक समेत सभी जरूरी मंजूरी मिल गयी है।उन्होंने यहां उद्योग के एक कार्यक्रम में कहा कि बैंक अगले 2-3 महीनों में काम करना शुरू कर देगा।

दोनों देशों के बीच व्यापार में तेल का काफी महत्व है। भारत हर महीने ईरान से औसतन एक अरब डॉलर मूल्य का कच्चा तेल खरीदता रहा है। लेकिन पिछले साल नवंबर में अमेरिका के ईरान पर आंशिक आर्थिक पाबंदी के बाद भारत जो भी खाड़ी देश से तेल खरीद रहा था, उसका भुगतान अमेरिकी डॉलर के बजाए रुपये में कर रहा था। भारतीय तेल कंपनियां यूको बैंक खाते के जरिये खरीदे गये तेल का भुगतान रुपये में ईरान की तेल कंपनी को कर रही थीं। ईरान इस राशि का उपयोग भारत से आयातित वस्तुओं के भुगतान में करता था। आयात पर मई से अमेरिकी की पूर्ण पाबंदी के बाद ईरान से आयात पूर्ण रूप से रूक गया है।

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चेगनी ने कहा कि यूको बैंक खाते में मुद्रा भंडार कम हो रहा है और बैंक पसारगाड बैंक की शाखा से ईरानी कंपनियों द्वारा किये जाने वाले आयात के भुगतान में मदद मिलेगी। पसारगाड ने मुंबई में शाखा खोलने के लिए जगह ले ली है और जल्दी ही कामकाज शुरू करेगा। पसारगाड बैंक के अलावा पर्सियन बैंक भारत में प्रतिनिधि कार्यालय खोलने को लेकर गंभीर है जबकि समान बैंक अपनी अनुषंगी इकाई खोलने को इच्छुक है।

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