By अनन्या मिश्रा | Apr 21, 2026
आंध्र प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। यह कदम पारदर्शिता और सटीकता को सुनिश्चित करने के लिहाज से लिया गया है। बता दें कि यह शिक्षा विभाग का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान पुर्नसत्यापन, पुर्नगणना और अंक पंजीकरण प्रक्रियाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाने की चेतावनी दी गई है।
पिछले साल सामने आई अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। पिछले साल अंकों की गणना में हुई गलतियों की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता पैदा हो गई थी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विभाग ने जवाबदेही और कड़ी निगरानी के नियम लागू किए हैं। वहीं गलतियों के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जुर्माने सहित दंड का सामना भी करना पड़ सकता है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंक दर्ज करने के लिए टैब जैसे डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल मैनुअल त्रुटियों को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस कदम से मूल्यांकन प्रोसेस में दक्षता में सटीकता और सुधार सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
वहीं इस दौरान अगर कोई लापरवाही या फिर गड़बड़ी पाई जाती है। तो इसकी विस्तृत रिपोर्ट आयुक्त और विद्यालय शिक्षा निदेशक को दी जाएगी। वहीं इससे संबंधित कर्मचारियों को स्पष्टीकरण मांगने के लिए पहले नोटिस जारी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों के जवाबों के आधार पर विभागीय नियमों के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें गलती पाई जाने पर वेतन वृद्धि में कटौती और 6,000 रुपये तक का जुर्माना शामिल है।