By अभिनय आकाश | Jul 16, 2026
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अगले 24 घंटों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। उम्मीद है कि इस रिपोर्ट से पता चलेगा कि आरोपियों ने चोरी को कैसे अंजाम दिया। इस फाइनल रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई कर सकती है। SIT ने पाया है कि चंपत राय के करीबी सहयोगी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, राम मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक सदस्य नहीं थे, लेकिन वे मंदिर के मैनेजमेंट में शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू के पास मंदिर की सभी संवेदनशील जानकारियों और एडमिनिस्ट्रेशन तक पूरी पहुंच थी। यहां तक कि दान पेटियों (हुंडी) की चाबियां भी उन्हीं के पास थीं। सूत्रों ने बताया कि SIT ने कथित चोरी के मुख्य कारणों में से एक कारण भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को माना है। उन्होंने कहा कि गिनती करने वाले कर्मचारियों को तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ट्रस्ट के अधिकारियों की सिफारिश पर रखा गया था।