By अनन्या मिश्रा | Apr 04, 2026
आमतौर पर पीरियड्स से पहले स्तनों में दर्द और भारीपन होना हार्मोनल बदलावों से संबंधित होता है। यह प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में आम है। यह ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता है। खासतौर पर अगर दर्द मासिक चक्र के साथ होता है और पीरियड्स के बाद ठीक हो जाता है। पीरियड्स के दौरान पीठ दर्द होना आम है और मांसपेशियों में ऐंठन या गर्भाशय के संकुचन की वजह होता है।
अगर आपको एलर्जी नहीं है, तो आइबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन जैसी बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर सकते हैं।
कमर के निचले हिस्से में हीटिंग पैड से सफाई कर सकती हैं।
दर्द से राहत पाने के लिए आप हल्का व्यायाम भी कर सकती हैं।
बता दें कि आमतौर पर ऐसा हार्मोनल परिवर्तनों की वजह से होता है। इसलिए किसी भी असामान्य परिवर्तन पर नजर जरूर रखें।
नियमित रूप से खुद के स्तन की जांच करें और आपको गांठ या लगातार दर्द महसूस हो तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अगर आपको अधिक दर्द महसूस हो, रोजाना के कार्यों में बाधा पैदा हो या फिर स्तनों में कोई असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
आगे की जांच के लिए आप किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ या स्तन रोग विशेषज्ञ से परामर्श ले सकती हैं।
बचाव के लिए जरूरी है कि लक्षणों पर नजर रखें और नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराती रहें।
अगर किसी लक्षणों में बदलाव हो या फिर वह बिगड़ जाए, तो डॉक्टर की सलाह लें।