By अभिनय आकाश | Jun 25, 2022
उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे और शरद पवार महाराष्ट्र की सियासत में इस वक्त यह तीन किरदार धुरी बने हुए हैं। गुवाहाटी से मुंबई तक होने वाला हर सीन तीनों नेताओं के इर्द-गिर्द घूम रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल होने के लिए मुंबई के शिवसेना भवन पहुंच चुके हैं। वहीम शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा है कि शिंदे गुट बालासाहेब ठाकरे के नाम पर नई पार्टी बना सकता है। लेकिन महाराष्ट्र के पूरे सियासी खेल में तीसरे किरदार यानी शरद पवार व उनके कदम को लेकर सबकी निगाहें हैं। चर्चा ये भी तेज हो गई कि सियासी संकट के बीच उद्धव को पवार रास्ता दिखा रहे हैं।
जिस तरह के वर्तमान हालात हैं ये साफ था कि पार्टी अब एकनाथ शिन्दे के हाथ में आ चुकी है और उद्धव को बूझ ही नहीं पड़ा कि क्या हो गया। विधायकों की मजबूरी ये है कि अगले चुनाव में एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन के साथ लड़ने पर उनको हिन्दुत्व वाले वोट नहीं मिलेंगे और एनसीपी, कांग्रेस के वोट उनको शिफ्ट नहीं होंगे- शिवसेना की कट्टर छवि वोटरों के मन में तो है ही। उद्धव सीएम तो बन गए, लेकिन बहुत बड़ी कीमत देकर। अब अगर लौटना भी चाहें तो लंबा सफर तय करना होगा। शरद पवार के तो जैसे दोनों हाथों में अभी भी लड्डू हैं, वो अभी भी मोदी के खास हैं और विपक्ष के भी महत्वपूर्ण नेता बने हुए हैं।