Bangladesh में कुछ बड़ा होने वाला है? भारत को लगी भनक और शुरू हो गया ताबड़तोड़ एक्शन

By अभिनय आकाश | Jan 21, 2026

भारत ने मंगलवार को बांग्लादेश में तैनात भारतीय अधिकारियों के परिवारों को एहतियाती कदम के तौर पर घर लौटने की सलाह दी है। देश में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय सुरक्षा उपाय के तौर पर लिया गया है और इससे बांग्लादेश में भारतीय राजनयिक मिशनों के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकारी सूत्रों ने बताया, सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, एहतियात के तौर पर हमने दूतावास और दूतावास के अधिकारियों के आश्रितों को भारत लौटने की सलाह दी है। सूत्रों ने आगे कहा कि ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और बांग्लादेश में अन्य सभी भारतीय दूतावास खुले हैं और पूरी तरह से कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि राजनयिक कार्य और सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।

इसे भी पढ़ें: चीन के साथ मिलकर भारत विरोधी चाल चल रहे बांग्लादेश को ट्रंप ने लगाया डंडा

इस बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बांग्लादेश में अगले महीने 12 फरवरी को चुनाव होने जा रहे हैं, जो 2024 के उस विद्रोह के बाद पहला चुनाव होगा जिसने शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया था। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह ने हसीना को सत्ता से बेदखल कर दिया था, जिससे उनका 15 साल का शासन समाप्त हो गया था, तब से देश राजनीतिक उथल-पुथल में है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता 85 वर्षीय मुहम्मद यूनुस, जो प्रदर्शनकारियों के अनुरोध पर निर्वासन से लौटकर "मुख्य सलाहकार" के रूप में कार्यवाहक प्रशासन का नेतृत्व कर रहे थे, आम चुनावों के बाद पद छोड़ देंगे।

इसे भी पढ़ें: भारत ने बांंग्लादेश से राजदूत के परिवार को वापस बुलाया, कुछ बड़ा होने वाला है?

बांग्लादेश में तैनात भारतीय अधिकारियों को सूचित किया गया कि उनके पति या फिर पत्नी और बच्चों को 8 जनवरी तक भारत लौटना होगा। जिन अधिकारियों के बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं उन्हें इसके लिए अतिरिक्त 7 दिन का समय भी दिया गया था। जिसके परिणाम स्वरूप पिछले गुरुवार यानी कि 15 जनवरी तक ढाका, चटगांव, खुलना, सिलहट और राजशाही में स्थित भारतीय मिशनों में तैनात अधिकारियों के परिवारों को बेहद कम समय के नोटिस पर भारत लौटना पड़ा है। हालांकि बता दें कि भारत के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस फैसले को लेकर कोई भी सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। भारत के इस फैसले से बांग्लादेश में कैसे भूचाल ला दिया है और कैसे एक तीर से कई निशाने भेद कर दिए गए हैं। पहला यूनुस की साजिश को पूरी तरीके से फ्लॉप कर दिया गया है क्योंकि चुनाव से पहले कट्टरपंथी वामपंथी ब्रिगेड पूरी तरीके से बांग्लादेश में एक्टिव है।

बांग्लादेश में चुनाव ना हो और चुनाव में अड़चन आए इसके लिए यूनुस हिंदुओं और भारतीय राजनीतिकों को टारगेट करवा सकता था। ऐसे में भारत ने पहले ही खतरे की आहट को परख लिया और यूनुस की साजिश को पूरी तरह से धराशाई करने के लिए यह फैसला लिया। दूसरा एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि भारत का यह कदम बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले सुरक्षा की स्थिति और खराब होने की आशंकाओं के कारण उठाया गया है।  

प्रमुख खबरें

Prabhasakshi NewsRoom: पहले Germany, फिर Poland, अब Spain... यूरोपीय नेता भारत आकर Jaishankar से क्यों मिल रहे हैं?

Mission Tamil Nadu: DMK को घेरने के लिए BJP का बड़ा दांव, TTV Dhinakaran की NDA में वापसी

UTI Surge in Winter: सर्दियों में महिलाओं को क्यों घेरता है UTI, जानें बचाव के ये 5 जरूरी Tips

T20 World Cup से पहले BCCI के खिलाफ Pakistan-Bangladesh की घेराबंदी? PCB ने खेला नया दांव