Iran US Conflict | क्या ईरान के साथ जारी तनाव अमेरिका को भारी पड़ रहा है? US का कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के पार, ट्रंप कार्यकाल में बना नया रिकॉर्ड

By रेनू तिवारी | Aug 20, 2026

अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक बार फिर बड़े वित्तीय संकट के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी, सोशल सिक्योरिटी व मेडिकेयर जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के विस्तार और बढ़ते ब्याज भुगतानों के कारण अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्तर को पार कर गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह चौथी बार है जब अमेरिकी कर्ज ने कोई नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी लंबे समय के तनाव, नौसैनिक नाकेबंदी और भारी सैन्य अभियानों के वित्तीय बोझ ने इस आंकड़े को तेजी से बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रंप प्रशासन संघीय खर्च में बर्बादी, धोखाधड़ी और दुरुपयोग को कम करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और देश के कर्ज-से-GDP अनुपात को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

ट्रंप के कार्यकाल में चौथी बार रिकॉर्ड ऊंचाई

जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद से, US का राष्ट्रीय कर्ज लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है और चार बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में यह लगभग 36.2 ट्रिलियन डॉलर था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा हो गया।

इस दौरान, कर्ज अगस्त 2025 में 37 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया, अक्टूबर में 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, मार्च 2026 में 39 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर चला गया और फिर अगस्त 2026 में 40 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया।

कर्ज लेने की रफ़्तार खास तौर पर उल्लेखनीय रही है; अगस्त और अक्टूबर 2025 के बीच सिर्फ़ 71 दिनों में कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया, और उसके बाद अगले 10 महीनों में इसमें 2 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ गए।

अमेरिकियों के लिए ज़्यादा लागत

हालांकि, अर्थशास्त्री और वित्तीय विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बढ़ता हुआ कर्ज पहले से ही अमेरिकियों को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि उन्हें मॉर्गेज और कारों के लिए ज़्यादा ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि व्यापार में निवेश घटने से वेतन पर असर पड़ सकता है, जबकि कर्ज से जुड़ी ज़्यादा लागत के कारण सामान और सेवाएं महंगी हो सकती हैं। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर की प्रेसिडेंट और CEO, मार्गरेट स्पेलिंग्स ने कहा कि फ़ेडरल कर्ज़ की वजह से पहले से ही रहने का खर्च बढ़ रहा है और खर्च व निवेश सीमित हो रहे हैं, जिससे लंबे समय की आर्थिक समृद्धि के लिए खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा वित्तीय रास्ता टिकाऊ नहीं है और मंदी, वैश्विक संघर्ष या किसी बड़े झटके से यह चुनौती तेज़ी से एक गंभीर संकट में बदल सकती है।

अमेरिका में कर्ज़ की एक कानूनी सीमा तय है, जिसे कांग्रेस बढ़ा सकती है, रोक सकती है या खत्म कर सकती है। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर का अनुमान है कि देश 2027 में सर्दियों के आखिर और गर्मियों के बीच कभी भी 41.1 ट्रिलियन डॉलर की मौजूदा कर्ज़ सीमा तक पहुँच सकता है, जिससे कांग्रेस को उधार लेने की सीमा पर फिर से कोई कदम उठाना पड़ सकता है।

ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट के हालिया आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका की वित्तीय स्थिति सबसे कमज़ोर है। 

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