By अभिनय आकाश | Mar 12, 2026
भारत भर में लापता बच्चों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की नवीनतम "लापता बच्चे" रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। हालांकि अधिकारियों ने इनमें से कई बच्चों का पता लगा लिया है, फिर भी 7,777 बच्चे लापता हैं, जो इस समस्या की भयावहता को उजागर करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लापता बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही, इस अवधि के दौरान 19,145 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 15,465 बच्चों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 3,680 बच्चे अभी भी लापता हैं।
केस 1 सहेली के घर गई, फिर नहीं लौटी अम्बाला की 14 वर्षीय लड़की 8 जनवरी को सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। बस स्टैंड की सीसीटीवी फुटेज मिली, जिसमें वह जाते दिखी, पर आगे
केस 2 नाराज होकर घर से निकली, अब तक लापता-अम्बाला कैंट में 5 फरवरी को लड़की परिवार से नाराजा होकर घर से निकल गई और वापस नहीं लौटी। गुमशुदगी का केस है। पिता शहर में पर्चे बांटकर लोगों से
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि आंकड़े लापता बच्चों का पता लगाने के लिए मजबूत निगरानी प्रणालियों, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को उजागर करते हैं। अधिकारियों ने जनता से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और लापता बच्चों का पता लगाने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने में मदद करने वाली जानकारी प्रदान करने का आग्रह करना जारी रखा है।