By डॉ. अनिमेष शर्मा | Dec 26, 2025
आजकल अधिकतर लोग लैपटॉप को हमेशा चार्जिंग पर लगाकर रखते हैं। उनका मानना है कि बैटरी हमेशा पूरी तरह चार्ज रहनी चाहिए, या फिर कभी-कभी बैटरी को 10 प्रतिशत से कम नहीं जाने देना चाहिए। हालांकि, यह आदत कई बार लैपटॉप की बैटरी के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। आइए जानते हैं लैपटॉप चार्जिंग से जुड़े जरूरी तथ्यों और एक्सपर्ट की सलाह।
अक्सर लोग दिनभर लैपटॉप को चार्जिंग पर रखते हैं। ऑफिस में काम करते समय या वीडियो कॉल, गेमिंग या भारी सॉफ्टवेयर चलाते समय भी लैपटॉप 9-10 घंटे तक चार्जिंग में लगा रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे बैटरी लाइफ पर बुरा असर पड़ सकता है? हालांकि, आधुनिक लैपटॉप में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम होता है। जैसे ही बैटरी फुल चार्ज हो जाती है, चार्जिंग अपने आप बंद हो जाती है। इससे ओवरचार्जिंग का खतरा कम हो जाता है। लेकिन पुराने या स्मार्ट फीचर्स से लैस न होने वाले लैपटॉप में लगातार चार्जिंग से बैटरी जल्दी खराब हो सकती है।
लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी समय के साथ कमजोर होती है। लगातार फुल चार्ज रहने से इन बैटरियों के अंदरूनी हिस्सों पर केमिकल दबाव बढ़ जाता है। इसके कारण बैटरी जल्दी पुरानी हो जाती है। एक रिसर्च के अनुसार, लिथियम-आयन बैटरी हाई चार्ज और गर्मी में तेजी से डिस्चार्ज होती है और उसकी क्षमता कम होने लगती है। इसलिए बैटरी को लंबे समय तक फुल चार्ज पर रखना हानिकारक हो सकता है।
- अगर लैपटॉप बहुत गर्म है।
- बिस्तर, कंबल या गोद में रखकर इस्तेमाल करते समय।
- वीडियो एडिटिंग, गेमिंग या भारी सॉफ्टवेयर चलाते समय।
इस दौरान बैटरी और डिवाइस दोनों गर्म होते हैं, जिससे बैटरी जल्दी खराब हो सकती है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि गर्म लैपटॉप को चार्जिंग पर न रखें और वेंट्स को ब्लॉक न होने दें।
बैटरी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए एक्सपर्ट्स के अनुसार लैपटॉप को लगभग 40% से 80% के बीच चार्ज रखना सबसे अच्छा है। कई लैपटॉप में Battery Care या Conservation Mode होता है, जो बैटरी को फुल चार्ज होने से रोकता है और ओवरचार्जिंग से बचाता है।
बैटरी को समय-समय पर डिस्चार्ज करना जरूरी है। ऐसा करने से बैटरी की कैलिब्रेशन सही रहती है और उसका स्वास्थ्य बेहतर होता है। हमेशा चार्जिंग पर रहने से यह प्रक्रिया नहीं होती, जिससे बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
कुछ परिस्थितियों में लैपटॉप को लगातार चार्जिंग पर रखना सुरक्षित रहता है:
- डेस्क पर बैठकर काम करना।
- वीडियो कॉल या मीटिंग करना।
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या डिजाइनिंग जैसे काम।
सिर्फ यह ध्यान रखें कि लैपटॉप ठंडा रहे और वेंट्स साफ रहें।
लैपटॉप को हमेशा चार्जिंग पर रखना हर समय सही नहीं है। अगर लैपटॉप में स्मार्ट बैटरी फीचर्स हैं और डिवाइस गर्म नहीं है, तो इसे चार्जिंग पर रखना नुकसान नहीं करता। वहीं, पुराने लैपटॉप और भारी इस्तेमाल में ओवरचार्जिंग से बचना जरूरी है। एक्सपर्ट की सलाह है कि बैटरी को 40-80% के बीच चार्ज रखें और समय-समय पर डिस्चार्ज भी करें।
- डॉ. अनिमेष शर्मा