Health Alert: ऑफिस का AC बन सकता है आंखों का दुश्मन, Dry Eye Syndrome का खतरा!

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 27, 2026

धीरे-धीरे मौसम बदल रहा है और गर्मी का एहसास भी होने लगा है। ऑफिस में भी एयर कंडीशनर (AC) चलने लगी है। ज्यादातर लोग ऑफिस में लंबे समय तक AC में बैठने लगे हैं, तो इससे कई लोगों को आंखों में जलन, चुभन और सूखापन महसूस होने लगता है। वैसे यह समस्या काफी आम है, हालाकिं इसे अक्सप नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वरना आगे चलकर ड्राई आई सिंड्रोम की परेशानी होने लगती है। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी हो सकते हैं, जिनको समझना काफी जरुरी है। आइए आपको बताते हैं एसी में घंटों बैठने से क्या होता है।

एसी चलने का सबसे अधिक असर कमरे की नमी पर दिखाई देता है। एयर कंडीशनर वातावरण की अतिरिक्त नमी को सोख लेता है, जिससे हवा शुष्क हो जाती है। जब हवा में नमी कम हो जाती है, तो आंखों की सतह पर मौजूद आंसुओं की परत जल्दी सूखने लगती है। यही आंसू आंखों को नमी प्रदान करते हैं और उन्हें सुरक्षित रखते हैं। इनके तेजी से सूख जाने पर आंखों में रूखापन, जलन और असहजता महसूस होने लगती है।

एसी वाले वातावरण में लगातार बैठने पर ठंडी और ड्राई हवा आंखों पर सीधे असर डालती है। खासकर अगर आप सीधे एसी के नीचे या वेंट के सामने बैठी हैं, तो हवा का प्रवाह आंखों की नमी को और भी तेजी से कम करता है। जिससे आपकी आंखों में जलन, रेडनेस और कभी-कभी धुंधला दिखना भी शुरु हो सकता है। 

ज्यादा स्क्रीन टाइम करता है कंडीशन को खराब

यह समस्या ऑफिस में कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन का लगातार इस्तेमाल से बढ़ सकता है। स्क्रीन देखते समय हमारी पलकें सामान्य से कम झपकती हैं, जिससे आंखों में आंसू बनने और फैलने की प्रक्रिया बाधित होती है। वहीं, एसी की सूखी हवा और कम ब्लिंक करना मिलकर आंखों को और भी ज्यादा ड्राई बना देता है, जिसके कारण से जलन और भारीपन महसूस हो सकता है।

बंद कमरों में एलर्जन का असर

आमतौर पर एसी वाले ऑफिस में हवा का नेचुरल सर्कुलेशन कम होता है। जिससे धूल, एलर्जन और छोटे कण हवा में घूमते रहते हैं, जो आंखों में जाकर जलन और खुजली उत्पन्न कर देते हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या होती है, उनके लिए यह स्थिति और ज्यादा परेशानी का कारण बन सकती है।

किन लोगों को खतरा रहता है

- लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने पर

- कॉन्टैक्ट लेंस यूजर्स

- एलर्जी व साइनस वाले लोग

- पहले से ड्राई आई सिंड्रोम से परेशान लोग

- 30+ उम्र के बाद महिलाएं (हार्मोनल कारणों से)

नजरअंदाज करने पर क्या हो सकता है?

यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर क्रॉनिक ड्राई आई सिंड्रोम का रूप ले सकती है। इसके कारण नजर धुंधली होने लगती है, आंखों में लगातार दर्द बना रह सकता है और तेज रोशनी से परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही, आंखों में बार-बार संक्रमण होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

किस तरह से पहचाने कि एसी आंखों को नुकसान पहुंचा रही है?

- ऑफिस में ज्यादा जलन, घर में कम

- आंखों में रेत जैसा एहसास

- स्क्रीन देखते समय भारीपन

- बार-बार आंखें मलने का मन करना

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