By Neha Mehta | Feb 08, 2026
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक शिया मस्जिद में जो भयानक धमाका हुआ था, उसकी जिम्मेदारी अब वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ने ले ली है। इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है।
यह हमला इस्लामाबाद के तरलाई इलाके की 'खदीजातुल कुबरा' मस्जिद में तब हुआ जब लोग नमाज पढ़ रहे थे। साल 2008 के मैरियट होटल ब्लास्ट के बाद यह इस्लामाबाद का सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक चिंता वाली खबर आई है। इस्लामिक स्टेट ने अपनी मैगजीन 'अल-नबा' में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों से कहा है कि वे अपनी पुरानी संस्था छोड़कर इस्लामिक स्टेट (ISKP) में शामिल हो जाएं। इससे इलाके में आतंकवाद का खतरा और बढ़ सकता है।
यह हमला तब हुआ जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव पाकिस्तान के दौरे पर थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान में अलग-अलग पंथों के बीच नफरत (Sectarian Tensions) बहुत बढ़ गई है।
इस्लामिक स्टेट का कहना है कि उन्होंने यह हमला इसलिए किया क्योंकि पाकिस्तान के कई शिया मुसलमान सीरिया में ईरान समर्थक 'जैनबियून ब्रिगेड' के साथ मिलकर लड़ रहे हैं। पहले इस हमले का शक टीटीपी (TTP) पर था, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।
इससे पहले जनवरी में भी इस्लामिक स्टेट ने बाजौर में एक धमाका किया था, जिसमें लश्कर का एक सीनियर कमांडर नजीबुल्लाह मारा गया था। कुल मिलाकर, पाकिस्तान के अंदर आतंकी गुट अब आपस में भी भिड़ रहे हैं और आम लोगों को निशाना बना रहे हैं।