इजरायल का ऐसा ऐलान, खतरे में एर्दोगान, ईरान ने भी पाकिस्तान को तबाही की धमकी दे डाली

By अभिनय आकाश | Mar 05, 2026

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेब तैयब एर्दोआन और पाकिस्तान के फेल्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मिलकर खुली आंखों से इस्लामिक नाटो का सपना देखा। ऐसा सपना जिसमें एर्दोआन इस्लामिक वर्ल्ड के खलीफा बनते और मुनीर इस्लामिक नाटो का आर्मी चीफ है। मुनीर एर्दोआन के गाढ़े हरे रंग वाले इस्लामिक नाटो का हसीन सपना ज्यादा दिन टिका नहीं या यूं कहें कि इस सपने का रंग चढ़ा ही नहीं। ईरान, इजराइल और अमेरिका की जंग ने मुनीर और एर्दोआन  के इस सपने का रंग उतार दिया। ज्यादा दिन पुरानी बात नहीं है। करीब 5-6 महीने पहले पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता हुआ। तारीख थी 17 सितंबर 2025। इस समझौते का मुख्य क्लॉज़ यह है कि किसी एक देश पर आक्रमण को दोनों पर आक्रमण माना जाएगा। यानी युद्ध की स्थिति में दोनों देश मिलकर लड़ेंगे। यह इस्लामिक नाटो की बुनियाद थी। इस समझौते को इस्लामिक नाटो की धुरी बताया गया। मुनीर का प्लान इस इस्लामिक नाटो में तुर्की, जॉर्डन, मिस्र, कतर, लीबिया, बहरीन, यूएई और कुवैत जैसे देशों को शामिल करना था। 

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यानी जो मुनीर इस्लामिक नाटो का सपना देख रहा था उसे एक इस्लामिक देश ने बर्बाद करने की धमकी दी। ईरान का आरोप है कि हमले के लिए अमेरिका पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रहा है। आईआरजीसी ने साफ कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करे या ईरान मिसाइल हमले की तबाही झेलने के लिए तैयार रहे। जो ईरान इज़राइल और अरब के अमीर देशों के अहम ठिकानों पर विध्वंसक हमला कर रहा है। उसने अगर पाकिस्तान पर हमला किया तो इस्लामिक नाटो का सपना देखने वाले पाकिस्तान का वजूद मिट जाएगा।  ईरान ने अब तक जैसे हमले किए हैं उसी पैटर्न को देखें। तो ईरान पाकिस्तान के कराची पोर्ट को निशाना बना सकता है। ऐसा हुआ तो पाकिस्तान में तेल का आयात थम जाएगा। ईरान पाकिस्तान की रिफाइनरीज को निशाना बना सकता है। ऐसा हुआ तो पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान होगा। ऐसे हमले से पाकिस्तान की जीडीपी 15% तक गिर सकती है। यानी पहले से ही बदहाल पाकिस्तान और कंगाल हो जाएगा। अभी तो ईरान ने हमला भी शुरू नहीं किया और पाकिस्तान का शेयर बाजार करीब 10% नीचे गिर गया है। और सुनिए जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया तब ईरान कोटा में पाकिस्तान के मिलिट्री बेस को निशाना बना सकता है। इससे पाकिस्तान का मिलिट्री ढांचा तबाह हो जाएगा। 

ईरान पाकिस्तान के दूसरे एयरबेस भी तबाह कर सकता है। इससे पाकिस्तान की वायु सेना जमीन पर आ जाएगी। तेहरान से कराची की दूरी करीब 10,900 कि.मी. है। ऐसे में सबसे ज्यादा तबाही कराची में होगी। ईरान के मिसाइल अटैक से कराची की रिफाइनरी, पोर्ट, पावर प्लांट और पाकिस्तानी एयरफोर्स का बेस सब कुछ तबाह हो जाएगा। भारत के लिए जितना महत्वपूर्ण शहर मुंबई है, पाकिस्तान के लिए उतना ही अहम कराची है। अगर कराची को तबाह कर दिया गया तो पाकिस्तान तबाह हो जाएगा। ग्वादर पाकिस्तान का सबसे अहम बंदरगाह है। इसे भी ईरान मिसाइल अटैक में पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।

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