By Prabhasakshi News Desk | Dec 03, 2024
यरुशलम । चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला ने संघर्ष विराम के बावजूद इजराइल के कब्जे वाले क्षेत्र में प्रक्षेपास्त्र दागे जिसके जवाब में यरुशलम ने सोमवार को लेबनान पर कई हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। पिछले बुधवार को 60 दिन का संघर्ष विराम समझौता लागू होने के बाद हिजबुल्ला ने इजराइली सेना को पहली बार निशाना बनाते हुए प्रक्षेपास्त्र दागे। इस संघर्ष विराम का उद्देश्य हिजबुल्ला और इजराइल के बीच एक साल से अधिक समय से जारी युद्ध को समाप्त करना था।
इजराइल ने कहा कि हिजबुल्ला के प्रक्षेपास्त्र खुले इलाकों में गिरे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस बीच, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चरमपंथी समूह हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजराइल के नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर जनवरी में उनके पदभार ग्रहण करने से पहले इजराइल के नागरिकों को रिहा नहीं किया गया तो हमास को ‘‘बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’ हालांकि, उनके इस पोस्ट यह स्पष्ट नहीं है कि यह गाजा में हमास और इजराइल के बीच जारी युद्ध में अमेरिका की सेना को सीधे तौर पर उतारने की चेतावनी है या नहीं। अमेरिका ने लगभग 15 माह से जारी युद्ध के दौरान इजराइल को महत्वपूर्ण सैन्य और कूटनीतिक समर्थन दिया है।