By रेनू तिवारी | Jun 08, 2026
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) एक बार फिर विनाशकारी युद्ध की कगार पर आकर खड़ा हो गया है। ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले के जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इस जवाबी कार्रवाई के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका गहरा गई है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार तड़के देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
निशाने पर रहे प्रमुख शहर: धमाकों की गूंज राजधानी तेहरान, इस्फहान, करज और तबरीज में सुनी गई। तेहरान के एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुष्टि की कि राजधानी के पश्चिमी हिस्से में कम से कम एक बहुत बड़ा और भीषण धमाका हुआ।
हवाई क्षेत्र सील: इजराइली लड़ाकू विमानों के हमलों के तुरंत बाद, ईरान सरकार ने एहतियात के तौर पर तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के पूरे हवाई क्षेत्र (Airspace) को नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया।
ईरानी अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि इजराइल ने इस हमले में 'हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों' का इस्तेमाल किया है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक नुकसान या सटीक सैन्य ठिकानों की जानकारी साझा नहीं की है।
इजराइल की बचाव सेवाओं के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने या कहीं मिसाइल गिरने की कोई सूचना नहीं मिली है। यमन के बड़े हिस्से पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। इससे पहले भी इजराइल-हमास युद्ध के दौरान और उसके बाद हूती विद्रोहियों ने इजराइल की ओर मिसाइलें दागी थीं, लेकिन वे ईरान-इजराइल के मौजूदा संघर्ष में पूरी तरह शामिल नहीं हुए हैं। हूतियों ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
हालांकि, अतीत में कई बार उन्होंने हमलों की जिम्मेदारी देर से स्वीकार की है। ईरान के अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया और न ही किसी संभावित नुकसान के बारे में जानकारी दी। ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कहा कि इजराइल ने सोमवार सुबह के हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, लेकिन इससे अधिक विवरण नहीं दिया।
ईरान में हमले शुरू करने के बाद इजराइल ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘कुछ देर पहले इजराइल की वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।’’ हालांकि, इजराइल ने भी इससे अधिक कोई जानकारी साझा नहीं की। इस बीच, सऊदी अरब में सोमवार सुबह उस क्षेत्र में मिसाइल हमले की चेतावनी को लेकर सायरन बज उठे, जहां अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाला एक महत्वपूर्ण एयरबेस स्थित है। सऊदी सरकारी मीडिया के अनुसार, अल-खार्ज प्रांत में यह चेतावनी जारी की गई।
इसी क्षेत्र में प्रिंस सुल्तान एयर बेस स्थित है, जहां अमेरिकी बल तैनात हैं। यह अलर्ट इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद जारी किया गया। हालांकि, कुछ देर बाद सऊदी अरब ने कहा कि इलाके में मिसाइल का खतरा टल गया है। अधिकारियों ने इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास सह कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने इन हमलों और अमेरिका के साथ किसी संभावित समन्वय से जुड़े सवालों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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