By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 06, 2024
तेल अवीव। इजराइल ने कतर के स्वामित्व वाले प्रसारक ‘अल जजीरा’ के देश में स्थित कार्यालयों को रविवार को बंद करने का आदेश दिया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने यह आदेश ऐसे वक्त दिया है, जब कतर गाजा में युद्ध को लेकर इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम समझौते में मदद कर रहा है। इजराइल के इस आदेश के तहत प्रसारण उपकरणों को जब्त किया जाएगा, चैनल की रिपोर्ट के प्रसारण को रोका जाएगा और उसकी वेबसाइट को अवरुद्ध किया जाएगा। माना जाता है कि यह पहली बार है जब इजराइल ने किसी विदेशी समाचार संस्थान के कामकाज को रोक दिया है।
‘अल जजीरा’ ने एक बयान में कहा कि वह ‘‘अपने अधिकारों और पत्रकारों, साथ ही जनता के सूचना के अधिकार की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनी संस्थाओं के माध्यम से सभी उपलब्ध कानूनी उपाय का सहारा लेगा।’’ ‘अल जजीरा’ ने कहा, ‘‘इजराइल द्वारा स्वतंत्र प्रेस का लगातार दमन, अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का उल्लंघन है। इजराइल के इस प्रयास को गाजा पट्टी में अपने कृत्यों को छिपाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।’’
गाजा में युद्ध की शुरुआत के बाद से 140 से अधिक फलस्तीनी पत्रकारों के जान गंवाने का जिक्र करते हुए बयान में कहा गया कि यह आदेश ‘अल जजीरा’ को युद्ध कवर करने की अपनी प्रतिबद्धता से नहीं रोक पाएगा। इजराइल की मीडिया ने कहा कि सरकार के फैसले के अनुसार चैनल को देश में 45 दिन के लिए संचालन से रोक दिया जाएगा। इजराइल की सरकार पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करती रही है लेकिन खासकर विदेशी मीडिया संस्थानों के कामकाज में दखल नहीं देती। हालांकि पिछले महीने बनाए गए एक कानून में इसमें बदलाव किया गया।
नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि नए कानून के बाद सरकार ‘‘देश को नुकसान’’ पहुंचाने वाले विदेशी चैनल के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी। आदेश के कुछ ही घंटों बाद इजराइल के मुख्य केबल प्रदाता ने ‘अल जजीरा’ का प्रसारण बंद कर दिया। हालांकि, इसकी वेबसाइट और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग लिंक संचालित हो रहे हैं। ‘अल जजीरा’ का मुख्यालय कतर की राजधानी दोहा में है। इस फैसले से कतर के साथ इजराइल का तनाव बढ़ने का खतरा है। यह फैसला ऐसे वक्त हुआ है, जब कतर सरकार मिस्र और अमेरिका के साथ गाजा में युद्ध रोकने के लिए मध्यस्थता प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।