By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 08, 2026
यरुशलम, आठ नवंबर (एपी) इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने शनिवार रात विपक्षी उम्मीदवार गादी आइजेनकोट को सरकार बनाने के लिए गठबंधन तैयार करने का पहला मौका दिया। यह फैसला 27 अक्टूबर को हुए चुनावों के बाद लिया गया है। पूर्व सैन्य प्रमुख आइजेनकोट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में चुनाव लड़ा था।
अब वह इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के एक कदम और करीब पहुंच गए हैं। आइजेनकोट के पास गठबंधन सरकार बनाने के लिए छह सप्ताह तक का समय है। हालांकि, गहरे राजनीतिक मतभेदों से जूझ रहे देश में यह काम आसान नहीं होगा।
इजराइल सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमलों और उसके बाद गाजा समेत अन्य क्षेत्रों में तीन वर्षों से जारी युद्ध के प्रभावों से अब भी उबर नहीं पाया है। इस सप्ताह राष्ट्रपति के साथ हुई बैठकों में इजराइल के अधिकांश प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने आइजेनकोट को नयी सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपने की सिफारिश की थी। हालांकि, संसद में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पिछले महीने हुए चुनावों में नेतन्याहू और उनके सहयोगी संसद में अपना बहुमत खो चुके हैं। हालांकि, आइजेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन को भी बहुमत नहीं मिला। ऐसे में ऐतिहासिक बढ़त हासिल करने वाले अरब नेतृत्व वाले दल संभावित रूप से निर्णायक की भूमिका निभाने की स्थिति में आ गए हैं लेकिन उनके साथ गठबंधन करना राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा।
नेतन्याहू लगातार आइजेनकोट और अरब नेतृत्व वाले दलों के बीच किसी भी गठबंधन को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के यह दावा भी किया है कि अरब दलों ने चुनाव चुरा लिए। हर्जोग की घोषणा से कुछ ही समय पहले नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान जारी कर राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील की।
नेतन्याहू और उनके सहयोगी अरब नेतृत्व वाले दलों को बार-बार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते रहे हैं। वहीं, आइजेनकोट ने कुछ शर्तों के साथ इन दलों के साथ गठबंधन की संभावना जताई है। आइजेनकोट अल्पमत सरकार बनाने का विकल्प भी चुन सकते हैं।
ऐसी सरकार को अरब दलों का बाहर से समर्थन मिल सकता है, जबकि वे औपचारिक रूप से गठबंधन का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, आइजेनकोट के गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने ऐसे किसी समझौते को खारिज करने की बात कही है।