By अभिनय आकाश | Mar 27, 2026
इजराइल ईरान के विदेश मंत्री अरागची और स्पीकर ग़ालिबफ़ की हत्या करना चाहता था। उसके पास उनकी मूवमेंट से जुड़े खुफिया इनपुट भी थे। लेकिन तभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को इजराइली योजनाओं की जानकारी मिल गई। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान ने अमेरिका को सूचित किया कि अगर इजराइल अब्बास अरागची और ग़ालिबफ़ को मार देता है, तो ईरान में बात करने वाला कोई नहीं बचेगा। ईरान पर कट्टर आईआरजीसी कमांडरों का कब्जा हो जाएगा। इस पर अमेरिका ने हस्तक्षेप किया और इजराइल को अरागची और ग़ालिबफ़ को खत्म करने के लिए किए जा रहे हमलों को रोकने में मदद की। एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर इज़राइल ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची और स्पीकर मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ को अपनी हिट-लिस्ट से हटा दिया।
ट्रंप ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को अपना 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा, लेकिन ईरान ने बुधवार को इसे खारिज कर दिया और अपना खुद का प्रस्ताव पेश किया। अपने प्रस्ताव में ईरान ने अपने राजनेताओं और अधिकारियों की हत्या के लिए इजरायल और अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे अभियान को रोकने की मांग की थी। खबरों के मुताबिक, ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस को ईरान के साथ चल रही मध्यस्थता के तहत किसी भी वार्ता में मध्यस्थ के रूप में नामित किया है। हालांकि ट्रंप कथित तौर पर गुरुवार को ही सीधी मुलाकात चाहते थे, लेकिन ईरान अमेरिका के साथ सतर्कता से बातचीत कर रहा है और उसे चिंता है कि अमेरिका और इजरायल उसे गुमराह कर सकते हैं। पिछले साल और पिछले महीने भी, उन्होंने चल रही वार्ताओं के बीच ईरान पर हमला किया था।