By अंकित सिंह | Aug 11, 2026
हिमाचल प्रदेश में भारी मॉनसून बारिश का असर जारी है। 30 जून से अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है और कुल नुकसान 886 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है। राज्य में सड़कों, बिजली के बुनियादी ढांचे, पानी की सप्लाई सिस्टम, घरों और अन्य सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है, जबकि कई जिलों में बचाव और बहाली का काम जारी है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी नुकसान के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून से 9 अगस्त के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 157 लोगों की मौत हुई है और 257 लोग घायल हुए हैं। दो लोगों के अभी भी लापता होने की खबर है।
कुल्लू सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में से एक है, जहाँ कुल्लू, बंजार, आनी और निरमंड सब-डिविजन में 40 सड़कें बंद हैं। मंडी में 38 सड़कें बंद होने की खबर है, खासकर सेराज, थलौट और आस-पास के इलाकों में। शिमला में भी नौ सड़कें बंद हैं। प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए इमरजेंसी टीमें और सड़क साफ करने वाली टीमें काम कर रही हैं। मानसून की वजह से पूरे राज्य में बिजली सप्लाई भी बाधित हुई है और 66 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर रीजन (DTRs) के काम न करने की खबर है। इनमें से 63 प्रभावित DTRs मंडी में हैं।
पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा है और राज्य भर में 19 योजनाएं बाधित हुई हैं। शिमला में पानी की सप्लाई की 12 योजनाओं को नुकसान पहुंचा है, इसके बाद हमीरपुर में पांच और बिलासपुर में दो योजनाएं प्रभावित हुई हैं। बारिश से निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। घरों, दुकानों और पशुओं के बाड़ों समेत 880 से ज़्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है। सरकार के कुल आकलन के अनुसार, निजी संपत्ति को 483.565 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 64 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जिनमें 22 पक्के और 42 कच्चे घर शामिल हैं। इसके अलावा 255 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिनमें 94 पक्के और 161 कच्चे घर शामिल हैं।
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