गाजा में इजरायली हमले से मचा कहर, कैफे पर बमबारी से 67 लोगों की मौत

By Neha Mehta | Jul 01, 2025

गाजा में इजरायली हवाई हमलों ने एक बार फिर भयावह मंजर पैदा कर दिया, जिसमें कम से कम 67 लोगों की जान चली गई। यह हमला हालिया सप्ताहों में सबसे घातक माना जा रहा है। गाजा सिटी के उत्तरी हिस्से में समुद्र तट के पास स्थित एक लोकप्रिय कैफे पर तब बमबारी हुई, जब वहां महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ जमा थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बिना किसी चेतावनी के एक युद्धक विमान ने हमला किया जिससे वहां भूकंप जैसी स्थिति बन गई।

कैफे में मौजूद अली अबू अतीला ने बताया, "हम पूरी तरह सामान्य थे, फिर अचानक सब कुछ हिलने लगा और धमाका हुआ। किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ।" स्वास्थ्य मंत्रालय के आपातकालीन प्रमुख फारेस अवाद ने जानकारी दी कि अकेले इस हमले में 30 लोग मारे गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। शिफा अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा शहर की एक सड़क पर दो अलग-अलग हमलों में 15 अन्य लोग मारे गए।

 

इसे भी पढ़ें: ट्रंप का पाकिस्तान प्रेम बढ़ने के बाद भारत और अमेरिका के संबंध में कैसे हैं? विदेश मंत्री जयशंकर ने विस्तार से बताया | India-US Relation

 

इजरायली गोलीबारी में भोजन की मांग कर रहे फलस्तीनी नागरिकों पर भी हमला किया गया, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजरायली अधिकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित नए युद्धविराम के सिलसिले में वाशिंगटन रवाना होने वाले थे। सूत्रों की मानें तो डेर्मर की ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों से मंगलवार को बैठक होनी थी।

 

इसे भी पढ़ें: 'पहलगाम हमला आर्थिक युद्ध था, उद्देश्य- कश्मीर में पर्यटन को तबाह करना'... विदेश मंत्री जयशंकर

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह कैफे युद्ध के दौरान भी खुले रहने वाले कुछ स्थानों में से एक था। यहां लोग इंटरनेट चलाने और अपने फोन चार्ज करने के लिए आते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में घटनास्थल पर खून से लथपथ शव और कंबलों में ले जाए जा रहे घायल देखे जा सकते हैं।

प्रमुख खबरें

PM Modi की Diplomacy का असर, Scindia बोले- Hormuz खुला, भारत में तेल-गैस की किल्लत नहीं होगी

Papmochani Ekadashi 2026: पापमोचनी एकादशी पर दान से होती हैं सभी इच्छाएं पूरी

Bengal में गरजे PM Modi, बोले- TMC ने आदिवासी राष्ट्रपति Murmu का अपमान किया

इच्छा मृत्यु केवल कानून ही नहीं, मानवीय गरिमा का प्रश्न