ऐसा और वैसा होना चाहिए (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | Mar 11, 2026

प्रसिद्ध होना सबके लिए आसान नहीं है लेकिन आजकल अनगिनत लोग इसी कोशिश में लगे रहते हैं कि कुछ न कुछ ऐसा कर सकें या उनकी ज़िंदगी में कुछ इतना बढ़िया हो जाए कि मशहूर हो जाएं। चाहे समाज में व्यावहारिक स्तर पर न सही लेकिन सोशल मीडिया पर ही ज्यादा से ज़्यादा लाइक्स मिल जाएं और प्रसिद्ध हो जाएं। प्रसिद्धि के बहाने कम या ज़्यादा पैसा भी कमा लिया जाए तो सोने पर सुहागा लेकिन इस चक्कर में कई बार, ऐसा ही नहीं वैसा भी कर बैठते हैं। 

एक बार किसी भी तरह की मेहनत कर प्रसिद्ध हो जाओ और दौलत भी कमा लो तो, समाज तो क्या असमाज में भी पूछ होने लगती है। कई तरह के पत्रकार, वीडियो पकाने और बनाने वाले आपके घने मित्र बने रहते हैं। प्रसिद्धि और दौलत के नए मालिकों बारे दूसरों को बताकर खुद भी कुछ न कुछ कमाने का जुगाड़ करते रहते हैं। एक बार मिली ज़िंदगी में, पैसे के रास्ते पर चलकर आराम और सुविधाएं आ जाएं तो पहनावे और बालों का रंग तो करवट बदलता ही है बात करने के विषय भी बदल जाते हैं। ज़बान का लहज़ा बदल जाता है। नई शैली में असंभव बातें करना भी संभव हो जाता है। चारों तरफ, आठों पहर उपदेशों के फूल खिले रहते हैं।  

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प्रसिद्ध चेहरे क्या क्या कहते और कह सकते हैं यह देखने, सुनने और और पढ़ने से पता चलता है। जिस व्यक्ति ने कभी एक पौधा न लगाया वे कहते हैं, हमेशा पर्यावरण का सम्मान करें। हमारे सभ्य और विकासशील समाज के जेन जी को गलत आदतों और भेदभाव से दूर रहना चाहिए क्यूंकि देश का भविष्य जीडीपी की ग्रोथ और समृद्धि उन पर टिकी है। डरपोक और सुस्त लेकिन अब प्रसिद्ध हुआ चेहरा जिसने कभी फुटबाल में एक किक नहीं लगाई, फ़रमाएगा कि हमें खेलों में और बेहतर करना चाहिए। खेल का स्तर उठाना चाहिए। वे सुझाव देंगे कि हमें सुरक्षा क्षेत्र में अविजित बनने के अतिरिक्त, सॉफ्ट सुपर पॉवर भी बनना चाहिए। लगे हाथ वे सामाजिक और नैतिक उपदेश भी उपहार में देंगे। 

किसी समय मारधाड़ विशेषज्ञ, मोहल्ले के दादा, अब राजनीति में धाक जमाती प्रसिद्ध ज़बान बोलेगी, आशा है हम नदियों की उपयोगिता समझेंगे। हमारे देश की सभी नदियां और हवाएं शुद्ध रहनी चाहिएं। इसके लिए हमें हाथ मिलाकर काम करना चाहिए। देश और दुनिया में शांति, सहिष्णुता और इंसानियत को प्राथमिकता मिले इसलिए हम सब बेहतर इंसान बनने की कोशिश करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। शारीरिक रूप से कमज़ोर व्यक्ति भी नाम कमा सकता है। ऐसे ही प्रसिद्ध हुए कमज़ोर से व्यक्ति ने कहा, सेहत ही असली दौलत है। हम सभी को तनाव से दूर रहना चाहिए फिट रहने के लिए जिम में घंटो पसीना बहाना ज़रूरी नहीं, माइंड सेट ताक़तवर होना चाहिए। प्रसिद्ध वनकाटू जो भविष्य में सफल राजनीतिज्ञ हो गए, ने सख्ती से कहा, पर्यावरण के लिए सचमुच गंभीर होने की ज़रूरत है। इसे संभालने कोई और नहीं आएगा।  स्वच्छ हवा पानी की सभी को ज़रूरत है। खुद पर भरोसा करना ज़रूरी है ताकि प्रदूषण न झेलना पड़े। अपनी बात में उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि हमारे विकसित समाज में महिला अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। सभी ने समझाया कि ऐसा या वैसा होना चाहिए।   

- संतोष उत्सुक

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