By अंकित सिंह | Jun 15, 2026
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को घोषित अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन के शांति समझौते और पश्चिम एशिया संकट को सुलझाने की कोशिशों का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने शांति प्रक्रिया में शामिल न होने और भारतीय नाविकों की मौत पर प्रतिक्रिया को लेकर भारत सरकार की आलोचना की। ANI से बात करते हुए श्रीनाते ने कहा कि हम शांति की किसी भी पहल का स्वागत करते हैं, क्योंकि दुनिया में जहां भी युद्ध होता है, उसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। हमारे तीन नाविक शहीद हुए, और क्यों? क्योंकि अमेरिका ने बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। यह जानते हुए भी कि उस जहाज पर भारतीय क्रू था, हमारे प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने न तो शोक जताया, न ही कोई सहानुभूति दिखाई और न ही कोई शोक संदेश भेजा। अमेरिका के सामने आपत्ति जताना तो बहुत दूर की बात है।
ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, ग़रीबाबादी ने कहा कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को स्विट्ज़रलैंड में होगा, जिसके बाद आपसी सहमति पत्र (MoU) का टेक्स्ट सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अंतिम समझौते के लिए प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत की प्रक्रिया में तभी शामिल होगा, जब यह पुष्टि हो जाएगी कि अमेरिका ने दुश्मनी खत्म करने, नाकेबंदी हटाने और ईरान की संपत्ति जारी करने से जुड़े अपने वादे पूरे कर लिए हैं।
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