By अंकित सिंह | Apr 19, 2022
दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हुए हिंसा में लगातार जांच-पड़ताल की जा रही है। अब तक इस मामले को लेकर 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इलाके में अब भी शांतिपूर्ण तनाव है। यही कारण है कि वर्तमान में देखें तो वहां सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कई योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा अलग-अलग जाचों के लिए 14 टीमें बनाई गई है। इलाके में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस अमन कमेटी के साथ बैठक कर रही है। इसके साथ ही किसी भी तरह की अफवाह एवं गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए पुलिस जुटी हुई है। लोगों से भी लगातार अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान ना दें। क्षेत्र पर कड़ी निगरानी के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है और पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के अशांत उत्तर-पश्चिम इलाके में सड़कों पर गश्त की। दिल्ली पुलिस जामा मस्जिद और हौज काजी इलाकों में सुरक्षा के मद्देनज़र ड्रोन का उपयोग कर निगरानी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, वह 200 से अधिक वीडियो की पड़ताल कर रहे हैं ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जो हिंसा के पीछे थे। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान एक मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा लगाने के कथित प्रयासों के दावों का खंडन किया। वहीं भाजपा के नेताओं ने जहांगीरपुरी हिंसा के आरोपी मोहम्मद अंसार और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच संबंधों का दावा करते हुए कहा कि पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि दंगों के मास्टरमाइंड किसी खास पार्टी से जुड़े क्यों पाए गए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा में शामिल लोगों को ‘‘कठोरतम दंड’’ दिया जाना चाहिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए।