By अभिनय आकाश | Nov 06, 2024
ट्रंप के जीत के साथ ही सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या उनका जीतना भारत के लिए फायदे का सौदा लेकर आएगा। इसे लेकर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी सवाल पूछा गया तो उनका जवाब गजब का आया। ऐसे वक्त में जब विश्लेषक अलग अलग अंदाजा लगा रहे हैं। कोई टैरिफ की बात कर रहा है तो कट्टरवाद को लेकर भारत के साथ आकर खड़े होने वाले डोनाल्ड ट्रंप का भी जमकर जिक्र हो रहा है। डिप्लोमेसी और ट्रेड के बीच डोनाल्ड ट्रंप किसका चुनाव करेंगे ये एक बात है। लेकिन इसे लेकर भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर क्या सोच रहे हैं ये समझना जरूरी है। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बड़े पैमाने पर डोनाल्ड ट्रंप को भर भर कर वोट पड़ रहे थे तो भारत और अमेरिका के रिश्तों के लिहाज से ट्रंप और हैरिस में कौन ज्यादा बेहतर है इसे लेकर सवाल तेज हो गए। ऐसा ही सवाल जब जयशंकर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका के पिछले पांच राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के दौरान उनके साथ अपने संबंधों में लगातार प्रगति देखी है।
अगर हम वास्तव में उनका विश्लेषण कर रहे हैं, तो मुझे लगता है कि हमें एक ऐसी दुनिया के लिए तैयार रहना होगा जहां वास्तव में अमेरिका के शुरुआती दिनों में जिस तरह का प्रभुत्व और उदारता थी, वह जारी नहीं रहेगी। जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भविष्य में अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते और मजबूत होंगे। तीनों विदेश मंत्रियों ने कहा कि उनके राष्ट्रों को वह वैश्विक वातावरण बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है जो वे चाहते हैं।