China के पड़ोसी देश पर जयशंकर का बड़ा ऐलान, सिखाएंगे अंग्रेजी

By अभिनय आकाश | Jun 23, 2026

भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने बताया है कि एक देश भारत से अंग्रेजी सीखना चाहता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह देश सिर्फ और सिर्फ दो देशों के साथ बॉर्डर शेयर करता है और वह दोनों देश महाशक्तियां हैं। जो देश भारत से अंग्रेजी सीखना चाहता है, वह रूस और चीन के बीचोंबीच स्थित है। इस देश का नाम मंगोलिया है। मंगोलिया के पास एक ऐसा खजाना है जो भारत की तकदीर बदल सकता है। अब इसी मंगोलिया ने भारत से कहा है कि हमें अंग्रेजी सिखा दो। मजे की बात देखिए कि दो महाशक्तियो के बीच बैठा मंगोलिया भारत से बॉर्डर शेयर नहीं करता है, लेकिन इसके बावजूद भारत को अपना तीसरा पड़ोसी बोल रहा है। बौद्ध धर्म के चलते मंगोलिया भारत को अपना आध्यात्मिक पड़ोसी भी बोल रहा है। दरअसल, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर मंगोलिया के दौरे पर हैं। मंगोलिया की 85% अर्थव्यवस्था रूस और चीन पर निर्भर है। लेकिन पिछले 4 सालों से रूस यूक्रेन के साथ उलझा है। तो वहीं चीन लगातार मंगोलिया पर राजनीतिक दबाव बनाता रहता है। ऐसे में मंगोलिया भारत के साथ अपने स्ट्रेटेजिक रिलेशन तेजी से बढ़ा रहा है। 

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सलामी स्लाइसिंग का मतलब होता है किसी चीज को धीरे-धीरे काटकर अपने कब्जे में लेना। चीन बिना किसी बड़े युद्ध या विवाद के धीरे-धीरे टुकड़ों-टुकड़ों में पड़ोसी देशों की जमीन या समुद्री क्षेत्रों पर कब्जा करता है। चीन एक बार में पूरी जमीन हड़पने के बजाय धीरे-धीरे मामूली कदम उठाता है। इसी को सलामी स्लाइसिंग कहा जाता है। इस रणनीति के तहत चीन अपनी भाषा और अपनी जनता का भी इस्तेमाल करता है। चीन अपने पड़ोसी देशों में धीरे-धीरे अपने नागरिकों को बसाता है। वहां पर अपनी मेंडरीन भाषा का प्रचार शुरू कर देता है। चीन ने यही काम तिब्बत में किया है। सबसे पहले तो चीन ने तिब्बत में अपने लोगों को बसाया। वहां के स्कूलों में भाषा को अनिवार्य कर दिया। आज पूरा तिब्बत चीन के कब्जे में है। चीन यही काम मंगोलिया में धीरे-धीरे कर रहा है। मंगोलिया से छीने गए इनर मंगोलिया इलाके में चीन पहले ही अपनी जनसंख्या को बढ़ा चुका है। अब इस इलाके से भी 10-10 चीनी लोग मेन मंगोलिया में घुस रहे हैं। मंगोलिया के लोगों को मेंडरीन भाषा सिखा रहे हैं। मंगोलिया की जनता भी चीनी लोगों के झांसे में आ जाती है। मेंडरीन बोलना शुरू कर देती है। क्योंकि चीन की ताकत देखकर आम मंगोलियाई भी मेंडरीन बोलना शुरू कर देते हैं। लेकिन यह मंगोलिया के लिए बहुत बड़ा खतरा है।

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