By रेनू तिवारी | Oct 15, 2026
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अबू धाबी में अपनी जॉर्जियाई समकक्ष माका बोटचोरिश्विली से मुलाकात की और व्यापार, संपर्क तथा संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। यह बैठक जयशंकर की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की तीन दिवसीय यात्रा शुरू होने के दौरान हुई। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिश्विली से मिलकर खुशी हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हमारे संबंधों का विस्तार हो रहा है।’’ जयशंकर ने बताया कि दोनों ने व्यवसाय, संपर्क, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों ने मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर बुधवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी उनका स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जयशंकर अपने UAE समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बातचीत मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, व्यापार और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, विदेश मंत्री अबू धाबी में आयोजित हो रहे 'रायसीना मिडिल ईस्ट' कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में भी हिस्सा लेंगे, जहां वे इस क्षेत्र से जुड़े अहम भू-राजनीतिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है।
इससे पहले सोमवार को, UAE के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गर्गश ने खाड़ी देशों के बीच संयुक्त कार्रवाई को फिर से सक्रिय करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब सऊदी अरब पर हूती हमलों में तेजी आई है। हाल ही में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। गर्गश ने कहा, "अरब खाड़ी देशों के खिलाफ आक्रामकता शुरू हुई है। हमलावरों ने गलत अनुमान लगाया था कि हम एक ऐसे युद्ध में सबसे कमजोर कड़ी हैं, जिससे हम बचना चाहते थे। अब यह साफ हो गया है कि हम सभी उनके निशाने पर हैं और हमारी सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। सऊदी अरब को निशाना बनाना, UAE और सभी खाड़ी देशों की सुरक्षा को कमजोर करने जैसा है।"
उन्होंने आगे कहा, "खाड़ी देशों के बीच संयुक्त कार्रवाई को फिर से शुरू करने की सख्त जरूरत है, खासकर सुरक्षा और रक्षा के मोर्चे पर। साथ ही, सामूहिक सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत करना होगा। अब तक इस पहलू को काफी हद तक नजरअंदाज किया गया है, जिससे दूसरों को हमारे खिलाफ और अधिक आक्रामक होने का हौसला मिला है। खाड़ी की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी तरह की ढील या देरी की कोई गुंजाइश नहीं है।"
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