By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 12, 2026
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आईबीएसए वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम के तहत भारत यात्रा पर आए लाइबेरिया के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि इस बातचीत ने ग्लोबल साउथ की गहरी साझीदारी के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया है। ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। आईबीएसए वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम ग्लोबल साउथ के बीच आपसी सहयोग और अनुभव साझा करने की एक विशेष अंतरराष्ट्रीय पहल है।
जयशंकर ने कहा, आईबीएसए वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम के लिए भारत यात्रा पर आए लाइबेरिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। विकास कार्यक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और जन-धन योजना, मुद्रा योजना, स्वनिधि, गरीब कल्याण अन्न योजना, जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा मिशन अमृत सरोवर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, उनकी रुचि की सराहना की और ग्लोबल साउथ की गहरी साझीदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
यूएन वुमन इंडिया देश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में लाइबेरिया की सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सचिवालय के 15 सदस्य शामिल हैं, जिनके साथ यूएन वुमन लाइबेरिया और भारत के कर्मचारी भी आए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल 10 अगस्त से शुरू होकर लगभग एक सप्ताह के लिए भारत यात्रा पर है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी मंगलवार को एलेन-अटोह व्रे के नेतृत्व वाले लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।