जयशंकर ने किया पश्चिमी देशों के दबाव का जिक्र, फिर भी...क्यों रूस नहीं भूल पाएगा ये अहसान?

By अभिनय आकाश | May 06, 2024

पश्चिमी देशों के विरोध के बावजूद भारत ने वही किया जो देशहित में था। विश्वबंधु भारत विषय पर बोलेते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि कैसे तमाम खिलाफत के बावजूद भारत अपने फैसलों पर अडिग रहा और रूस से व्यापार करना नहीं छोड़ा। अगर भारत पश्चिमी देशों के बहकावे में आता तो उसका खामियाजा यहां की जनता को झेलना पड़ता। सबसे ज्यादा इसका असर तेल की कीमतों पर पड़ता। क्या पता उस वक्त देश में 20 रुपये से ज्यादा तेल महंगा हो जाता। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस यूक्रेन के बीच युद्ध के बीच भारत के उन फैसलों का जिक्र किया जो देश हित में लिए गए थे। एस जयशंकर ने कहा कि हम पर बहुत दबाव था कि हम रूस से तेल न लें। कुछ देशों ने इसे एक सिद्धांत का विषय बना लिया। कहा कि ये आपकी मॉरल ड्यूटी है कि आप रूस से तेल नहीं लेंगे।

एक तो वो खुद खरीद रहे थे। एक्शन कुछ और था और उनके शब्द कुछ और थे। अगर उस समय हम दब जाते झुक जाते। अगर हम कहते कि अच्छा ठीक है हम आपकी बात मानते हैं। हम भी खाड़ी और अरब देशों से खरीदते। यूरोप भी रूस से इतर वहीं जा रहा था। मेरे लिए प्रधानमंत्री के निर्देश बहुत साफ थे। मैं भारत के कंज्यूमर का हित सर्वप्रथम है। राजनीतिक कारण की वजह से हमारे लोगों को दिक्कत हो। अगर ये निर्णय नहीं लेते तो 10-20 रुपए  बढ़ जाता। 

इसे भी पढ़ें: Hardeep Singh Nijjar हत्याकांड में 3 तीन भारतीयों की गिरफ्तार पर S Jaishankar ने दी की प्रतिक्रिया, Canada को लेकर कही ये बात

जयशंकर ने कहा कि हम यूक्रेन की बात करते हैं तो अगर आज पेट्रोल की कीमत कम है तो इसका कारण यह है कि हमने रूस से तेल खरीदने का साहस किया। अगर सुरक्षा से संबंधित अन्य मामले हैं या सीओवीआईडी ​​​​समय के दौरान मोदी जी द्वारा अर्जित सम्मान है, तो यह उनकी कूटनीति के कारण है कि खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय सुरक्षित घर लौट आए> केंद्रीय मंत्री ने यूक्रेन, मध्य पूर्व में युद्ध, अरब सागर में समस्या, चीन सीमा पर तनाव और साथ ही दक्षिण चीन सागर में समस्याओं का उल्लेख करते हुए दुनिया में चल रही समस्याओं को रेखांकित किया। 

प्रमुख खबरें

Nepal Flood: Chilime Hydroelectric Project सुरंग में 70 मीटर मलबा हटा, छह कामगारों की तलाश जारी

Vimal Elaichi विज्ञापन मामले में Delhi High Court सोमवार को सुनाएगा फैसला

CSIR-IMMT विकसित करेगा भारत का पहला पूर्ण Hydrogen आधारित DRI संयंत्र

Asiatic Society of Mumbai में Amit Shah का बड़ा बयान, ज्ञान को Ideology की सीमाओं से मुक्त करने का आह्वान