वैचारिक कारणों से अक्सर दी जाती है भारत के हितों की बलि, जयशंकर बोले- हमें आर्थिक के साथ अपनी विदेश नीति भी बदलनी होगी

By अभिनय आकाश | Aug 12, 2023

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अक्सर कुछ वैचारिक कारणों के कारण भारत के हितों की बलि दी जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हमेशा देश के हितों को अपने मूल में रखते हुए दुनिया के साथ काम करेगी। आकाशवाणी के साथ एक साक्षात्कार में जयशंकर ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में गुटनिरपेक्ष युग से अधिक मुखर और राष्ट्रीय हित-संचालित दृष्टिकोण में बदलाव पर प्रकाश डाला। जयशंकर ने गुटनिरपेक्षता के ऐतिहासिक महत्व को स्वीकार करते हुए इसे ऐसे समय में भारत की स्वतंत्रता के दावे की अभिव्यक्ति बताया जब इसकी क्षमताएं सीमित थीं। उन्होंने कहा कि जहां गुटनिरपेक्षता भारतीय विदेश नीति में एक विशिष्ट युग का प्रतिनिधित्व करती है, वहीं यह अपनी सीमाओं के साथ भी आई है।

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उन्होंने कहा कि हमें न केवल अपनी आर्थिक नीति बल्कि अपनी विदेश नीति भी बदलनी होगी क्योंकि दोनों साथ-साथ चलते हैं। जयशंकर ने देश की बढ़ी हुई क्षमताओं, आत्मविश्वास और पर्याप्त वैश्विक परिवर्तन को प्रभावित करने की क्षमता में विश्वास को रेखांकित किया। आज, हम एक अलग युग में हैं - यह एक ऐसा युग है जहां हम अधिक सक्षम, अधिक आत्मविश्वासी, अधिक महत्वाकांक्षी हैं, हमें लगता है कि हम एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यह एक ऐसा समय भी है जो अधिक वैश्वीकृत है। ताकि चुनौतियाँ अलग हों, क्षमताएँ अलग हों, लक्ष्य अलग हों। 

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