By अभिनय आकाश | Feb 02, 2026
जिस तरह से भारत ने अमेरिका के टेरिफ की काट के लिए नए-नए फार्मूले अपनाए हैं, उसे लेकर ट्रंप भी परेशान है। क्योंकि भारत पिछले कई महीनों से अमेरिकी व्यापार का विकल्प तलाशने में जुटा हुआ है जिसका असर भी दिखाई दे रहा है। हाल ही में भारत ने कई ऐसे देशों के साथ डील की है जो काफी फायदेमंद हैं और भारत की अर्थव्यवस्था में चार चांद लगाने वाले हैं। जिन देशों के साथ डील हुई है। उनमें से कई अमेरिका के कट्टर दुश्मन भी हैं। क्योंकि जिस वक्त अमेरिका और यूरोप के रिश्ते तनाव की ओर बढ़े हैं, ठीक उसी वक्त भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है जो सबसे ज्यादा भारत को ही फायदा पहुंचाने वाला है।
यह डील देखकर ट्रंप घबराए हुए हैं और वो भारत के साथ रिश्ते सुधारने में जुट गए हैं। इसके लिए हाल ही में ट्रंप की टीमें कई बार दिल्ली का दौरा कर चुकी हैं। अमेरिका की ओर से लगातार ऐसे कई संकेत मिले हैं कि भारत पर लगाया गया टेररिफ़ जल्द ही कम हो सकता है। इसी बीच एक ऐसा बड़ा सिग्नल मिला है जिससे लग रहा है कि भारत अमेरिका के बीच कोई बड़ी डील होने वाली है और इसका संकेत भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के अमेरिकी दौरे से मिला है।
खबर है कि जयशंकर एक बड़ी और अहम बैठक के लिए अमेरिका जा रहे हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 3 दिन के लिए अमेरिका जाने वाले हैं जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और गति देने वाला है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्रिटिकल मिनरल्स पर मंत्री स्तरीय बैठक बुलाई है।
जिसमें शामिल होने के लिए 2 फरवरी से 4 फरवरी तक एस जयशंकर अमेरिका के दौरे पर होंगे। वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्कोविय की ओर से बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे। इस दौरे में एस जयशंकर अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ भी मीटिंग करेंगे। दरअसल क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज पदार्थ हैं जो किसी भी देश की आर्थिक उन्नति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इनकी कमी से आधुनिक तकनीकों का उत्पादन रुक सकता है क्योंकि इनके विकल्प खोजना बहुत कठिन या महंगा होता है।