By अभिनय आकाश | Jan 03, 2026
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को भारत की नेबरहुड पॉलिसी के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि आपके पड़ोसी बुरे हो सकते हैं। दुर्भाग्य से हमारे हैं। यह पाकिस्तान पर एक बड़ा कटाक्ष था। बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे तनावपूर्ण संबंध बीते साल 2025 में जम्मू कश्मीर के पहलगाम पर हुए आतंकी हमले के बाद और बिगड़ गए। इसमें 26 लोग मारे गए थे। यह हमला पाकिस्तान की ओर से समर्थित था। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बात जब बुरे पड़ोसियों की आती है, तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पड़ोसी देश भारत में आतंकवाद फैलाना जारी रखता है, तो वह नई दिल्ली से पानी साझा करने की मांग नहीं कर सकता।
जयशंकर ने कहा कि अच्छे पड़ोसियों के मामले में भारत निवेश करने, मदद देने और साझा करने में कभी पीछे नहीं हटता फिर चाहे वह कोविड-19 महामारी के ईंधन एवं खाद्य सहायता हो या श्रीलंका को उसके वित्तीय संकट के दौरान दी गई 4 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय मदद हो। चेन्नै में मद्रास IIT के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा, 'दुनिया भर में बहुत से लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत पर गर्व करते हैं। मुझे कोई कारण नजर नहीं आता कि हमें ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए। हमें अपने अतीत की ऐसी समझ है, जो बहुत कम देशों के पास है... लोकतांत्रिक राजनीतिक मॉडल अपनाने के हमारे फैसले ने ही लोकतंत्र के विचार को एक सार्वभौमिक राजनीतिक अवधारणा बना दिया।'
आपको बता दें कि सिंधु जल संधि के निलंबन को लेकर एस जयशंकर ने कहा कि लगातार दुश्मनी के साथ सद्भावना नहीं टिक सकती। उन्होंने कहा कि कई साल पहले हम जल बंटवारी की व्यवस्था पर सहमत हुए थे। लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद चलता रहा तो अच्छे पड़ोसी संबंध नहीं रह सकते। अच्छे पड़ोसी संबंध ना होने पर अच्छे पड़ोसी संबंध के लाभ भी नहीं मिलते हैं। आप यह नहीं कह सकते कि कृपया मेरे साथ पानी शेयर करें। लेकिन मैं आपके साथ आतंकवाद जारी रखूंगा। यह सुलह संभव नहीं होगी।