By Ankit Jaiswal | Oct 21, 2026
केरल की टीम ने रणजी ट्रॉफी में ओडिशा के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए पारी और 36 रन से जीत दर्ज की है। बुधवार को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में बारिश की आशंका के बीच केरल ने आखिरी दिन महज 23 ओवर से कुछ ज्यादा समय में ओडिशा की दूसरी पारी समेट दी। इस जीत से केरल को 7 अहम अंक मिले। टीम की इस सफलता में अनुभवी ऑफ स्पिनर जलज सक्सेना की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने अपनी फिरकी से ओडिशा के बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया।
हालांकि, अपने इस खास रिकॉर्ड के बारे में पूछे जाने पर जलज ने इसे लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि उन्हें बिशन सिंह बेदी के बराबर पहुंचने की जानकारी नहीं थी। जब उनसे पूछा गया कि रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड किसके नाम है, तो उन्होंने राजिंदर गोयल का नाम लिया। उनका जवाब सही था। बाएं हाथ के दिग्गज स्पिनर राजिंदर गोयल के नाम इस टूर्नामेंट में 59 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।
जलज की सफलता के पीछे खेल के प्रति उनका लगाव और लगातार मेहनत है। उन्होंने बताया कि उन्हें सफेद कपड़े पहनकर 4 दिन तक क्रिकेट खेलना पसंद है। मौजूदा सत्र से पहले उन्होंने अपनी फिटनेस पर खास ध्यान दिया। लंबे समय तक गेंदबाजी करने की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने पीठ और शरीर के बीच के हिस्से को मजबूत करने पर मेहनत की।
ओडिशा की टीम आखिरी दिन 4 विकेट गंवाकर पहले ही दबाव में थी। जलज के मुताबिक, उनकी रणनीति सरल थी। गेंद को सही जगह पर डालना और बल्लेबाजों से गलती करवाने का इंतजार करना। पिच से भी उन्हें मदद मिली और केरल ने जल्द ही जीत हासिल कर ली। हालांकि, उन्होंने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम को दिया।
बता दें कि केरल की जीत की नींव बल्लेबाजों ने रखी थी। सचिन बेबी और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इसके बाद गेंदबाजों ने ओडिशा पर दबाव बनाए रखा।
जलज अभी भी अपने करियर में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं। उनका कहना है कि अगर लंबे समय के लक्ष्य नहीं हों, तो रणजी ट्रॉफी खेलने का कोई मतलब नहीं है। वह लगातार अगले स्तर तक पहुंचने की कोशिश करते रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सचिन बेबी और अजहरुद्दीन जैसे खिलाड़ियों का भी लक्ष्य आईपीएल में खेलना और भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना है।
जलज ने युवा ऑफ स्पिनर वैशाख चंद्रन की भी तारीफ की, जिन्होंने पिछले मुकाबले में झारखंड के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी की थी। उन्होंने कहा कि वैशाख के साथ गेंदबाजी करना अच्छा लगता है और वह प्रतिभाशाली होने के साथ सीखने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं।
गौरतलब है कि दशहरा के उत्सवी माहौल में केरल की यह जीत टीम के लिए खास रही है। अब उसका अगला मुकाबला बंगाल से होना है। जलज का कहना है कि टीम फिलहाल एक समय में एक ही मैच पर ध्यान दे रही है और आगे की चुनौतियों के लिए अपनी तैयारी जारी रखे हुए हैं।