Maharashtra : पानी की किल्लत से जूझ रहा जालना गांव, महिलाएं और बच्चे पानी की तलाश में भटकने को मजबूर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 04, 2024

छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त मराठवाड़ा क्षेत्र में जालना जिले के एक गांव की महिलाओं और बच्चों के दिन का अधिकतर समय पेयजल की व्यवस्था करने के लिए निकटवर्ती इलाकों में भटकने में चला जाता है। बदनापुर तहसील के अंदरूनी इलाकों में जालना-भोरकरदन रोड के पास स्थित तपोवन गांव में प्राकृतिक जल स्रोत नहीं हैं और वहां लोग पेयजल की जरूरत को पूरा करने के लिए पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। गांव में रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले तीन महीने में गांव में भूजल स्रोत सूख गए हैं जिसके कारण महिलाओं और बच्चों को आसपास के इलाकों से पीने का पानी लाने के लिए कम से कम दो से चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है और भीषण गर्मी में पानी लेने के लिए इन इलाकों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। 

इसे भी पढ़ें: Haryana । JJP विधायक सिहाग ने BJP के रणजीत चौटाला को समर्थन देने की घोषणा की

निकटवर्ती गांव पोवन टांडा, तुपेवाडी और बनेगांव भी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। जालना में 30 अप्रैल तक 282 गांव और 68 बस्तियां 419 टैंकर पर निर्भर थीं। टैंकर चालक गणेश ससाने हर दिन 12 किलोमीटर दूर स्थित एक कुएं से तपोवन में पानी लाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने टैंकर को भरने के लिए एक घंटे इंतजार करना पड़ता है। मैं तपोवन में कम से कम दो बार जाता हूं। गांव में करीब 400 मकान हैं।’’ गांव की सरपंच ज्योति जगदाले ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारे गांव में नदी या सिंचाई परियोजना जैसा कोई बड़ा जल स्रोत नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइपलाइन का काम चल रहा है और इसके पूरा होने पर ग्रामीणों को कुछ राहत मिलेगी।

प्रमुख खबरें

World Cup Trophy की चमक और बढ़ी, Gold में Record तेजी से कीमत 6.7 करोड़ रुपये पहुंची

World Cup में कोच की एक चूक ने डुबोई South Korea की नैया, Son Heung-min बेंच पर बैठे रहे

Guillermo Ochoa ने रचा फुटबॉल का नया कीर्तिमान, 6 World Cup खेलकर Ronaldo-Messi के क्लब में शामिल

Crude Oil में गिरावट का असर, Government का संकेत- अब सस्ता हो सकता है हवाई सफर