By अभिनय आकाश | Feb 18, 2026
बांग्लादेश में एक तरफ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी देश का कार्यभार संभाल रही थी तो दूसरी तरफ चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी जमात इस्लामी पहले दिन से ही आक्रामक मोड़ में आ गई। बांग्लादेश में जुलाई चार्टर को लेकर राजनीतिक संकट गहराता दिख रहा है। बीएनपी ने संविधान सुधार परिषद की सदस्यता के लिए शपथ लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद जमात और एनसीपी ने कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का ही बहिष्कार कर दिया। दरअसल बीएनपी के सदस्यों ने सांसद के रूप में तो शपथ ले ली लेकिन उन्होंने जुलाई चार्टर से जुड़े संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने से इंकार कर दिया। इस बात से नाराज जमात इस्लामी और उसकी गठबंधन सहयोगी नेशनल सिटीजन पार्टी ने बीएनपी कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया।
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने 12 फरवरी को ही चुनाव और जनमत संग्रह दोनों आयोजित करा दिए। बीएनपी ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके निर्वाचित सांसद संविधान सुधार के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे और कुछ ऐसा ही हुआ। वहीं जमात एनसीपी गठबंधन के निर्वाचित सांसदों ने संसद सदस्य के साथ-साथ संविधान सुधार आयोग के लिए दूसरी शपथ भी ली। शेख हसीना सरकार के खिलाफ जिस तरह के आंदोलन देखे गए थे, वैसे ही आंदोलन जुलाई चार्टर को लेकर बांग्लादेश में फिर लौट सकते हैं। तारिक रहमान ने आज शपथ ली और आज ही के दिन जमात और एनसीपी ने बीएनपी को फांसीवादी ताकत बताते हुए सड़क पर विरोध प्रदर्शन की वार्निंग दी।