Pakistan की न्यूक्लियर साइट पर क्या हुआ? ऑपरेशन सिंदूर पर सनसनीखेज दावा

By अभिनय आकाश | Feb 18, 2026

क्या पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए संघर्ष में कोई एक विशेष एयरस्ट्राइक ऐसी थी, जिसने पाकिस्तान को युद्धविराम (सीज़फायर) के लिए आगे आने पर मजबूर कर दिया? इस सवाल पर लंबे समय से बहस होती रही है। अब दुनिया के प्रमुख एविएशन इतिहासकारों और विश्लेषकों में से एक टॉम कूपर ने बड़ा दावा किया है। भारतीय वायुसेना ने भले ही यह स्वीकार नहीं किया कि उसने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर हमला किया था, लेकिन टॉम कूपर का मानना है कि यह ठिकाना निशाना बनाया गया था और उस समय तक पाकिस्तान पूरी तरह दबाव में आ चुका था।

पाकिस्तान को ये बताना हो कि हम आपको जहां चाहें, जब चाहें, जितना चाहें, उतनी ताकत से निशाना बना सकते हैं। अब इसे बंद कीजिए। उन्होंने आगे कहा कि उस हमले के समय और उसके बाद के कूटनीतिक घटनाक्रम चाहे वो इस्लामाबाद का वॉशिंगटन और नई दिल्ली से लगातार संपर्क करना और युद्धविराम की दिशा में कदम बढ़ाना हो। कूपर ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि पाकिस्तान खुलकर गिड़गिड़ा रहा था, लेकिन हालात ऐसे थे कि अंततः उसे युद्धविराम की ओर बढ़ना पड़ा।  यह पूछे जाने पर कि उनके पास क्या सबूत है कि हमला सच में हुआ था, एविएशन एक्सपर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि सिर्फ़ एक सबूत नहीं, बल्कि कई सबूत हैं, जिनमें पाकिस्तानियों के बनाए वीडियो भी शामिल हैं, जिनमें मिसाइलों के निशान आते, नीचे गिरते और पहाड़ी से टकराते दिख रहे हैं। कूपर ने कहा कि पाकिस्तानी एयर फ़ोर्स के 4091वें स्क्वाड्रन के रडार स्टेशन से उठता धुआँ इस थ्योरी को और मज़बूत करता है। उन्होंने कहा कि सबूत इतने साफ़ हैं कि इंडियन एयर फ़ोर्स ने पहले इन रडार स्टेशनों पर हमला किया ताकि पाकिस्तान के हमले का मुकाबला करने की क्षमता को नाकाम किया जा सके और फिर अंडरग्राउंड स्टोरेज फ़ैसिलिटीज़ के कम से कम दो एंट्रेंस पर हमला किया। किराना हिल्स पाकिस्तानी न्यूक्लियर प्रोग्राम के सेंटरपीस में से एक है। उन्होंने वहाँ लगभग 20-24 नॉन-क्रिटिकल न्यूक्लियर टेस्ट किए हैं। मेरा मतलब है, यह डिज़्नीलैंड नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि तब तक पाकिस्तान खत्म हो चुका था। उसका ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस (ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में शुरू किया गया) फेल हो गया था। इसे इंडियन एयर डिफेंस ने रोक दिया था, और फिर मई की सुबह इस बड़े स्ट्राइक ने। कूपर ने कहा कि यह स्ट्राइक उन खास वजहों में से एक थी जिसकी वजह से उन्होंने इस लड़ाई को इंडिया की साफ जीत बताया था।

इसे भी पढ़ें: Delhi News | दिल्ली के रोहिणी में खुला सीवर बना 'मौत का कुआं', एक और मजदूर की जान गई

उन्होंने समझाया कि आप ऐसी जगहों को तब तक टारगेट नहीं करते जब तक आपको पता न हो कि दुश्मन या दूसरी तरफ से बिना पक्का यकीन के जवाबी हमला नहीं किया जा सकता। कूपर ने कहा कि दूसरा सबूत पाकिस्तान में पर्सनल कॉन्टैक्ट्स से मिला, जिन्होंने कन्फर्म किया कि फैसिलिटी पर हमला हुआ था। यह पूछे जाने पर कि उन्हें कैसे यकीन है कि किराना हिल्स में न्यूक्लियर फैसिलिटी है, कूपर ने कहा कि US में एटॉमिक साइंटिस्ट के एक बुलेटिन में इसके बारे में इसी तरह बताया गया था, और इंडिया में एनालिस्ट भी इसी नतीजे पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह सच में कमाल की बात है कि उन्हें किस तरह की चीज़ें मिल रही हैं। तो जब आपको 40 मज़बूत शेल्टर, दो मेंटेनेंस फ़ैसिलिटी, अंडरग्राउंड फ़ैसिलिटी के 50 या उससे ज़्यादा एंट्रेंस मिलते हैं... जब आपको उस साइट की हिस्ट्री, उसके न्यूक्लियर टेस्ट के बारे में पता होता है। मेरा मतलब है, फिर से, यह कोई फन पार्क नहीं है। यह टेस्टिंग के मकसद से, स्टोरेज के मकसद से एक न्यूक्लियर फ़ैसिलिटी है। 

प्रमुख खबरें

ग्रहों के सेनापति मंगल का बड़ा परिवर्तन, 12 अगस्त तक इन Zodiac Signs को मिलेगा तगड़ा Business Profit

धर्मेंद्र प्रधान का Exit और प्रह्लाद जोशी की Entry के बाद CJP ने खत्म किया विरोध प्रदर्शन, अब आगे क्या?

OTT Trends में क्यों छाई Vikrant Massey की Musafir Cafe? 8 Episodes में सिमटी Romantic Drama की दिलचस्प कहानी

Mann Ki Baat में PM Modi ने कारगिल के वीरों को किया नमन, Defence Sector की बड़ी उपलब्धियां गिनाईं