By अभिनय आकाश | Oct 24, 2026
जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) के 1,500 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने, JMI के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी के साथ, शनिवार को विश्वविद्यालय के अंसारी ऑडिटोरियम के लॉन में एक बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य आगे की रणनीति पर चर्चा करना था। यह बैठक बातचीत के चार दौर और कल रात समिति द्वारा छात्रों से अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने की अपील के बाद हुई है। यह बैठक एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की सात सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति के प्रयासों के बीच हुई है। 18 अक्टूबर को गठित इस समिति का काम जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (JMISU) के चुनावों की मांग को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के साथ मध्यस्थता करना था। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, तोड़फोड़ की घटनाओं और परिसर की दीवारों पर बेहद आपत्तिजनक नारे लिखे जाने पर निराशा जताते हुए, JMI के फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों ने कहा कि ऐसी हरकतें शैक्षणिक माहौल को खराब करती हैं। साथ ही, ये 106 साल की शानदार विरासत वाले इस संस्थान की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं। बैठक में सर्वसम्मति से दो प्रस्ताव पारित किए गए: पहला, कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे प्रदर्शन स्थल खाली कर दें और अपना आंदोलन वापस ले लें, ताकि परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सके। विशेष रूप से 'गालिब प्रतिमा लॉन' (Ghalib statue lawns) को खाली करने के लिए कहा गया, जिस पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था, जबकि JMI में प्रदर्शन के लिए 'गेट नंबर 18' को तय किया गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए, उच्च-स्तरीय समिति के सदस्यों ने कहा कि दो दशक पुराने मुद्दे को सुलझाने के लिए विश्वविद्यालय के त्वरित प्रयासों के बावजूद, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। हिंसक झड़पों, शिक्षकों पर हमलों और कभी-कभार कक्षाओं में व्यवधान की बार-बार होने वाली घटनाओं के बाद, 2006 में JMI छात्र संघ (JMI Students’ Union) को निलंबित कर दिया गया था। समिति ने बताया कि वर्तमान प्रशासन ने 21 अक्टूबर, 2026 को 'JMISU संविधान मसौदा समिति' (JMISU Constitution Draft Committee) के गठन की तुरंत घोषणा की—एक ऐसी पहल जो 2006 के बाद से किसी भी कुलपति (Vice-Chancellor) या रजिस्ट्रार ने नहीं की थी।